बहराइच/बौंडी। पत्नी ने अवैध संबंधों का विरोध किया तो पति हैवान बन गया। शुक्रवार देर रात उसने पत्नी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, फिर गड़ासे से हमला कर उसे मरणासन्न कर दिया।
ग्राम टेड़वा सिस्टीपुर के ग्रामीणों की सूचना पर मायके के लोग मौके पर पहुंचे और घायल महिला को हरदी थाने ले गए लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। एसओ ने पीड़िता को भगा दिया।
फिर घर वालों ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रात में एसपी अस्पताल पहुंची और पीड़िता का हाल लिया। फिर एसओ को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने पति, सास-ससुर और जेठानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हरदी थाना क्षेत्र के ग्राम टेड़वा सिस्टीपुर टेड़िया गांव निवासी हसीना (24) के पति मोहम्मद अहमद का संबंध अरसे से गांव की ही एक महिला से है। हसीना इसका विरोध करती थी।
कई बार मायके के लोगों ने भी अहमद को समझाया लेकिन उसकी हरकत बंद नहीं हुई। शुक्रवार देर रात हसीना जब खाना खा रही थी तभी मामले में फिर बातचीत शुरू हुई।
हसीना ने अवैध संबंध का विरोध किया तो अहमद आग बबूला हो उठा। उसने पत्नी पर हमला कर दिया। वह जान बचाकर बाहर भागी तो पति ने उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद गड़ासे से हमलाकर मरणासन्न कर दिया।
चीख-सुनकर आसपास के लोग दौड़े तब पति शांत हुआ लेकिन कोई भी ससुरालीजन बचाने नहीं दौड़े। गांव के लोगों ने तत्काल हसीना के मायके खैराबाजार बौंडी में सूचना दी।
मायके के लोग रात में ही बेटी की ससुराल पहुंच गए। लहूलुहान हसीना को हरदी थाने ले गए लेकिन यहां पुलिस ने मामला सुनने के बजाए सभी को थाने से भगा दिया।
तत्काल परिवारीजनों ने एसपी को मामले से अवगत कराया। इसके बाद रात 11 बजे के आसपास बेहोश हसीना को जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया।
रात 12 बजे के आसपास एसपी नेहा पांडेय ने अस्पताल पहुंचकर मरणासन्न महिला की स्थिति देखी। हसीना की मां मरियम से बातचीत की तो मां ने दामाद के अवैध संबंधों का खुलासा किया। हरदी पुलिस की करतूत भी बयां की।
एसपी ने रात में ही एसओ हरदी बीके यादव को तलब कर कड़ी फटकार लगाई कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी के हस्तक्षेप के बाद एसओ ने आननफानन हसीना की मां मरियम की तहरीर पर उसके पति मोहम्मद अहमद, ससुर समीउल्ला, सास मेहरुल और जेठानी सितारुल के खिलाफ प्राणघातक हमले का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
एसओ ने बताया कि रात में ही दबिश देकर पति समेत सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
थाने से भगाने की जांच सीओ को सौंपी
पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने बताया कि घायल महिला के मामले को गंभीरता से न लेने और थाने से भगाने का पता चला है। इस मामले में सीओ महसी को जांच सौंपी गई है।
जांच रिपोर्ट सप्ताह भर में तलब की गई है। जो भी पुलिस कर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।