बाबागंज (बहराइच)। आधार कार्ड व्यक्ति की पहचान का एक प्रमुख प्रमाण है। बैंक हो या फिर गैस कनेक्शन, हर जगह इसके जरिए लोगों को जोड़ा जा रहा है लेकिन बहराइच में आधार कार्ड को कुछ लोगों ने आधारहीन बना दिया है।
सोमवार को बाबागंज कस्बे में आधार कार्ड की बेकदरी देख ऐसा ही लगा। कस्बे से एक किलोमीटर दूर चौरीकुटिया मंदिर के पास 100 से अधिक आधार पड़े मिले। गांव निवासी एक व्यक्ति ने इन्हें अपने संरक्षण में रखकर डाक विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है। हालांकि, देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा।
विकासखंड नवाबगंज अंतर्गत चौरीकुटिया मंदिर के पास सोमवार को आसपास गांव के लोग मवेशियों को चराने ले गए थे। कुछ मवेशी खेत के अंदर चले गए तो चरवाहे उन्हें हांकने लगे। इसी दौरान चरवाहों ने खेत के बीच 100 से अधिक की संख्या में आधार कार्ड पड़े देखे। इस पर गांव के लोगों को सूचना दी गई।
ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो खेत में पड़े आधार कार्ड देखकर सकते में आ गए। तत्काल उप डाकघर बाबागंज और डाक विभाग के अन्य अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
खेत में पड़े मिले आधार कार्ड सील बंद हैं। गांव के लोगों का कहना है कि आधार कार्डों को देखकर लग रहा है कि इन्हें इसलिए फेंका गया है ताकि उन्हें निर्धारित स्थानों पर पहुंचाना न पड़े। इसीलिए तो सूचना के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। गांव के लोगों ने एक ग्रामीण के घर पर सभी आधार कार्ड रखवा दिए हैं।
जो लिफाफे मिले हैं उनमें दुर्गापुर, बाबागंज, रुपईडीहा, चरदा आदि इलाकों के ग्रामीणों के आधारकार्ड पैक हैं। गांव के लोगों का कहना है कि डाक विभाग की ओर से अक्सर इसी तरह लापरवाही की जाती है। कोई भी साधारण डाक का लिफाफा, चिट्ठी या पत्रिका प्राप्त नहीं होती।
इनका लेखा-जोखा नहीं, पर कराएंगे जांच ः पोस्टमास्टर
बाबागंज डाकघर के पोस्टमास्टर सदानंद वर्मा का कहना है कि प्रतिदिन 70-80 आधार कार्ड साधारण डाक से आते हैं। साधारण डाक का होने के चलते उनका कोई लेखा-जोखा नहीं रहता। संबंधित क्षेत्र के पोस्टमैन को वितरण के लिए यह डाक दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि खेतों में आधारकार्ड के पैकेट पड़े होने की सूचना मिली है। जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।