फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक नेपाली शिकारी बंदी, चार फरार

Sun, 26 Jun 2016 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
संरक्षित वन क्षेत्र में बाघ को मारने के लिए चार दिन जमे नेपाली शिकारियों को वन विभाग ने एसएसबी के साथ घेर लिया। संयुक्त टीम ने एक शिकारी को पकड़ने के साथ दो बंदूक, बारूद के साथ बारहसिंगा की छह सींग बरामद की हैं। उसके चार साथी घेराबंदी के बावजूद फरार हो गए।  
विज्ञापन


कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र वर्षाकाल में पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित रहता है। चहल-पहल कम होने पर नेपाल के शिकारियों की नजर जंगल केबाघ व अन्य दुर्लभ वन्यजीवों पर रहती है। बाघ के शिकार के लिए नेपाल के शिकारियों का समूह सीमा पार कर जंगल में घुस आया था।

यह सूचना वन विभाग को मिली तो डीएफओ ने एसएसबी के अधिकारियों से संपर्क साधा। संरिक्षत वन क्षेत्र से सटी नेपाल सीमा को सील कर कांबिंग शुरू करवाई। डीएफओ के मुताबिक सीमा से सटे धर्मापुर रेंज क्षेत्र में कांबिंग के दौरान नेपाल सीमा की ओर जाते एक संदिग्ध को टीम ने पकड़ लिया।
विज्ञापन


पूछताछ में उसकी पहचान गणेश लोध पुत्र छोटेलाल निवासी छेदापुर वार्ड नंबर एक नेपाल के रूप में हुई। गणेश ने बताया कि उसके साथ चार शिकारी और थे। वे जंगल में असलहे छिपाकर सीमा पार फरार हो गए हैं।

गणेश की निशानदेही पर धर्मापुर रेंज के जंगल से दो भरुआ बंदूक, एक बैरल, गन पाउडर 0.85 ग्राम, शीशे के टुकड़े, छर्रे, 13 गन कैप, दो बोगदा व अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। जंगल में छिपाकर रखी गई बारहसिंगा की छह सींग भी बरामद हुई है।

गणेश ने बताया कि उनका गुट बाघ के शिकार की टोह में था। डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि फरार चार शिकारियों की तलाश में नेपाल के वनाधिकारियों व सुरक्षा बलों से संपर्क साधा गया है। इसके साथ टीम बनाकर जंगल में सघन गश्त के निर्देश दिए गए हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें