मदरसा मिस्बाहुल उलूम नानपारा कस्बे में कार्यरत चार मदरसा शिक्षकों से प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने नौकरी का झांसा देकर करीब 28 लाख रुपये हड़प लिए। शिक्षकों के विभाग से जानकारी करने पर मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित शिक्षकों ने इस मामले में कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नानपारा कस्बा स्थित मदरसा मिस्बाहुल उलूम अंजुमन इस्लामिया में मदरसा शिक्षक मोहम्मद रिजवान खां, मोहम्मद नफीस रजा खां, मोहम्मद इसराईल और शमसुद्दीन खां कार्यरत थे। शिक्षकों का कहना है कि मदरसे के प्रबंधक आजम खां और प्रधानाचार्य मौलाना मोइनुद्दीन ने सभी शिक्षकों को नियमित कराने की बात कही थी।
मदरसे को यूपी मदरसा बोर्ड से सहायातित कराने के नाम पर सभी से अवैध वसूली की गई, जिसमें मोहम्मद रिजवान ने प्रबंधक को 3.25 लाख व प्रधानाचार्य को 4.50 लाख, मोहम्मद इसराइल ने प्रधानाचार्य को 3.95 लाख आरैर मोहम्मद नफीस ने प्रबंधक को 7.50 लाख रुपये दिए थे। जबकि शमसुद्दीन से प्रधानाचार्य व प्रबंधक ने मिलकर 9.50 लाख रुपए लिए थे।
मदरसा शिक्षकों का कहना है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जानकारी करने पर किसी तरह की नौकरी दिए जाने की बात सामने नहीं आई, जिससे सभी भौचक रह गए। मदरसे में बात करने पर सभी को जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। चारों पीड़ित शिक्षकों ने इस मामले में कोतवाली में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक आलोक राव का कहना है कि तहरीर मिल गई है।
मदरसा प्रबंधक व प्रधानाचार्य से मामले की जानकारी का प्रयास किया गया था, लेकिन वह लोग मदरसे में नहीं मिले। इनके मोबाइल नंबर भी बंद चल रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।