परागपुरवा गांव निवासी एक महिला अपने दामाद के साथ सोमवार को खेत का बैनामा करवाने तहसील गई थी।
वहां जब लिखापढ़ी हो रही थी तो दामाद करीब दो लाख रुपये से भरा बैग लेकर दुकान पर पान खाने चला गया। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने नकदी भरा बैग छीन लिया और चंपत हो गए।
इस मामले में कोतवाली में तहरीर दी गई है। एएसपी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दिनदहाड़े हुई वारदात से बाजार में सनसनी फैल गई है।
रुपईडीहा थाना अंतर्गत ऊंचवा बालपुर गांव निवासी चेतराम की ससुराल कोतवाली नानपारा अंतर्गत परागीपुरवा गांव में है। सोमवार को चेतराम की सास राजकुमारी ने दामाद को घर बुलवाया था।
इसके बाद खेत का बैनामा कराने के लिए राजकुमारी, चेतराम के साथ इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक गायघाट पहुंची। वहां उसने अपने खाते से 50 हजार रुपये नकदी निकाल ली।
राजकुमारी का कहना है कि डेढ़ लाख रुपये उसके पास पहले से थे। दो लाख रुपये नकदी इकट्ठा होने पर वह अपनी कार से दामाद और गांव निवासी फूलमती को बिठाकर तहसील पहुंची।
वहां दोपहर में तहसील के अंदर फूलमती के दो बीघा, छह बिस्वा जमीन की लिखापढ़ी हो रही थी। इसी दौरान चेतराम रुपयों भरा बैग लेकर तहसील के सामने दुकान पर पान खाने चला गया।
दोपहर बाद दो बजे के आसपास जब वह दुकान पर खड़ा था, तभी मौके पर पहुंचे बाइक सवार नकाबपोश दो बदमाशों ने चेतराम के हाथ से नकदी भरा बैग छीन लिया और चंपत हो गए।
क्षण भर के लिए चेतराम कुछ समझ नहीं पाया। फिर उसने शोर मचाया। आसपास के लोग दौड़े। लेकिन तब तक बदमाश जा चुके थे।
अपर पुलिस अधीक्षक जेपी पांडेय, सीओ भरत यादव और कोतवाल जनमेजय सचान मौके पर पहुुंचे। एएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान चेतराम ने बताया कि उसने 10 हजार रुपये तहसील के वकील को फीस के लिए दिया था।
जबकि बैग में 1.90 लाख रुपये थे। वह बदमाश उड़ा ले गए हैं। एएसपी ने कहा कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।