कैसरगंज तहसील के दो लोकवाणी केंद्रों पर रविवार को प्रशासन ने छापा मारा। दोनों जगह से 162 फर्जी मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। इस मामले में केंद्र संचालक सगे भाइयों समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रों को सील कर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इन फर्जी पहचान पत्रों को होने वाले चुनाव में प्रयोग करने की आशंका जताई जा रही है।
कैसरगंज तहसील परिसर के निकट एक रायल लोकवाणी केंद्र संचालित है। इस केंद्र पर रविवार देर शाम एसडीएम कैसरगंज ने सीओ अजय भदौरिया के साथ छापेमारी की। छापेमारी में केंद्र से लगभग 50 आधार कार्ड बरामद हुए। इनकी जांच कराई तो सभी आधार कार्ड फर्जी निकले।
कुछ फोटो भी बरामद की गई हैं। जिन पर नाम व उम्र दर्ज थी। एसडीएम ने बताया कि केंद्र संचालक सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन आधार कार्डों का एक दिसंबर को होने वाले चुनाव में प्रयोग हो सकता था। उधर, जरवल ब्लॉक मुख्यालय के गेट के बगल में एक लोकवाणी केंद्र खुला है।
तहसीलदार कैसरगंज उमाशंकर त्रिपाठी ने एसओ धनंजय सिंह के साथ देर शाम लोकवाणी केंद्र पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान ग्राम उपधी, नासिरगंज व जरवल देहात गांव के मतदाताओं के 112 फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए। तहसीलदार ने मौके पर मिले केंद्र संचालक दानिश व चांदबाबू को हिरासत में लेकर थाने में भेज दिया। केंद्र को सील कर दिया गया है।
एसडीएम जेपी सिंह ने कहा कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पहचान पत्र मिलने से गड़बड़ी उजागर हुई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम ने कहा कि चुनाव में फर्जी पहचान पत्र व आधार कार्ड से वोट डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।