प्रसव पीड़िता को लेने नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच। भरचकरा गांव में मंगलवार की रात एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 व 102 नंबर कॉल कर गांव के लोग थक गए लेकिन खराब रास्ते का हवाला देकर एंबुलेंस नहीं पहुंची। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। किसी तरह गांव की दायी ने महिला का प्रसव कराया गया। इस मामले में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
फखरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत टेड़वा अल्पीमिश्र का मजरा भरचकरा नहर के किनारे बसा हुआ है। लखनऊ-बहराइच मार्ग से गांव की दूरी सवा दो किलोमीटर है। लेकिन गांव को जाने का कोई समुचित रास्ता नहीं है। गड्ढों में तब्दील पगडंडी ही है। मंगलवार रात गांव निवासी उदयराज वर्मा की गर्भवती पत्नी रुचि को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। जिस पर परिवार के लेागों ने 102 व 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की। लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते का हवाला देकर आने से इंकार कर दिया।
इस पर ग्रामीणों ने जन कल्याण संरक्षण एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष चौधरी सरिता पटेल को मामले से अवगत कराया। वह निजी नर्सिंग होम की महिला कर्मी को साइकिल से लेकर गांव पहुंची। इसके बाद रुचि का प्रसव कराया गया। बेटे का जन्म हुआ। सुरक्षित प्रसव के बाद परिवार के लोगों ने राहत की संास ली। लेकिन एंबुलेंस के न पहुंचने से सभी काफी आक्रोशित थे। इसके चलते ग्रामीणों ने प्रदेश अध्यक्ष सरिता पटेल की अगुवाई में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री मुकुटबिहारी वर्मा व मुख्यमंत्री के साथ ही राज्यपाल को पत्र भेजकर गांव का मार्ग डामरीकृत करने, विद्युतीकरण कराने, खराब 12 हैंडपंपों की मरम्मत कराने के साथ ही सोलर लाइट लगवाने की आवाज उठाई।
गंभीर मामला है, जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
फखरपुर केे भरचकरा गांव में गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने के लिए डिमांड के बावजूद एंबुलेंस न पहुंचना और रास्ता खराब होने की बात कहना गंभीर मामला है, जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। यह गंभीर लापरवाही है। पूरे मामले की जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।
डॉ. अरुण लाल मुख्य चिकित्साधिकारी