चरदा क्षेत्र में धान के खेत में पानी के कमी से फटी जमीन।
चरदा (बहराइच)। धान के खेतों में पानी के अभाव में दरारें पड़ने लगी हैं और फसल सूख रही है। परेशान किसान आसमान की ओर देखकर पानी बरसने का इंतजार कर रहे हैं। हालात यह है कि एक माह पूर्व रोपे गए धान के पौधे उसी हालत में लगे हुए हैं। यही हाल रहा तो धान की पैदावार इस वर्ष प्रभावित होगी।
पंद्रह दिन से अधिक हो गया है, जिले के कई हिस्सों में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई है। जहां थोड़ी-बहुत हुई भी वह इतनी कम थी कि उसका असर खेतों में देखने को नहीं मिला। ऐसे में जिन खेतों में धान की रोपाई हुई थी वे दरकने लगे हैं। धान के पौधे सूख कर पीले होने लगे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ किसान पंपिंग सेट से सिंचाई कर तो रहे हैं लेकिन एक घंटे लगातार चलने के बाद भी खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कुछ देर बाद ही खेत फिर से सूखे हुए नजर आने लगते हैं।
किसान योगेश चंद्र पांडेय ने बताया कि पहले चरदा क्षेत्र धान की पैदावार के लिए जाना जाता था। इस बार पानी की कमी के कारण खेत सूख गए हैं। जलालपुर निवासी किसान विनोद वर्मा ने बताया कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो इस बार पूरी धान की फसल चौपट हो जाएगी और किसानों की मेहनत बर्बाद हो जाएगी, कर्ज का बोझ बढ़ेगा। ऐसे में किसानों ने सरकार से क्षेत्र को सूखा घोषित कराने की मांग की है।