घाघराघाट स्थित संजय सेतु के जॉइंटर में आई दरार।
जरवलरोड (बहराइच)। लखनऊ-बहराइच राजमार्ग पर जरवलरोड स्थित संजय सेतु के जॉइंटर में एक बार फिर दरार आ गई है। इससे हादसे की संभावना बढ़ गई है और वाहन चालक सहमे हुए हैं। तीन जगहों पर आई दरार में एक स्थान पर दरार इतनी ज्यादा है कि सरयू नदी दिख रही है। वाहन चालक दरार में निकली सरिया से वाहन का टायर फटने पर किसी भी समय बड़ा हादसा होने की बात कह रहे हैं।
जरवलरोड में सरयू नदी पर बने विशाल संजय सेतु का प्रयोग बहराइच के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत आधा दर्जन से अधिक जिलों के वाहन चालक करते हैं। पुल से प्रतिदिन 25 से 30 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। वाहनों के दबाव के चलते संजय सेतु लगातार जर्जर होता जा रहा है और पुल के जॉइंटर में लगातार दरारें आ रही हैं। शनिवार को संजय सेतु के जॉइंटर पर तीन स्थानों पर दरारें दिखीं। इसमें दो छोटी-छोटी और एक बड़ी दरार है। जॉइंटर में गैप ज्यादा होने से छोटे-बड़े वाहनों के टायर फटने की संभावना बढ़ गई है। शनिवार को लखनऊ जा रहे गोंडा निवासी रंजीत उपाध्याय, महेश कुमार, श्रावस्ती निवासी रामानंद मिश्रा, कुलदीप, बहराइच के मेवातीपुरा निवासी पियूष कुमार आदि ने बताया कि गड्ढे के चलते वाहन जंप कर रहे हैं। ऐसे में अगर टायर फटा तो वाहन पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे सरयू की लहरों में समा जाएगा। वाहन चालकोंं ने कहा कि जिला प्रशासन को तत्काल इसे सही करवाना चाहिए। साथ ही बार-बार जर्जर हो रहे संजय सेतु के स्थान पर नया पुल बनवाया चाहिए।
44 साल पहले हुआ था संजय सेतु का निर्माण
संजय सेतु का निर्माण साल 1981 में किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने इस पुल का उद्घाटन किया था। उस समय पुल की क्षमता के अनुरूप वाहनों का आवागमन होता था। लेकिन वर्तमान में पुल की क्षमता से 40 गुना अधिक वाहन गुजर रहे हैं। इसी के चलते पुल के गाटर मेंं लगातार खामी आ रही है।