बहराइच। अकबरपुरा मोहल्ला निवासी ग्लास व्यवसाई, शिक्षिका व शिक्षक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। जबकि शहर निवासी महिला की लखनऊ में मौत हो गई। मृतकों का अंतिम संस्कार हो गया है। शिक्षिका के पति ने मेडिकल कालेज के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही करने और वार्ड में अव्यवस्था का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि कंट्रोल रूप में फोन करने के बाद भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं।
कोतवाली नगर के मोहल्ला अकबरपुरा निवासी प्रमोद जायसवाल ग्लास व्यवसाई थे। इसके अलावा वह रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष भी थे। परिवार के मुताबिक बीते दिनों वह कोरोना पॉजिटिव आ गए थे। उनका इलाज जयपुर में चल रहा था। शुक्रवार को व्यवसायी की मौत हो गई। उधर काजीपुरा मोहल्ला निवासी बाल शिक्षा निकेतन की शिक्षिका अन्नपूर्णा श्रीवास्तव (33) पत्नी अनुज कुमार संदिग्ध कोरोना की मरीज थी। गंभीर हालत में उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था।
महिला का इलाज चल रहा था। पति अनुज ने बताया कि स्वास्थ्य टीम को दिन में तीन बार इंजेक्शन लगाना था। लेकिन सुबह इंजेक्शन लगाने के बाद दोपहर व शाम को इंजेक्शन नहीं लगाया गया। पति का कहना है कि वार्ड में तेज धूप आ रही थी। पंखे भी नहीं चल रहे थे। कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी। अंतत: इलाज में लापरवाही से शिक्षिका की मौत हो गई। उधर किसान डिग्री कालेज के शिक्षक प्रमोद सिंह (58) की भी कोरोना से मौत हो गई।
सभी का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। जबकि बहराइच शहर निवासी एक महिला लखनऊ के आलमबाग में रहती थी। जिसका लखनऊ में कोरोना संक्रमण के चलते इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। लखनऊ प्रशासन ने मौत की जानकारी जिला प्रशासन बहराइच को भेज दी गई है। मौत का अंकन भी पोर्टल पर कर दिया गया है।
शहर के त्रिमुहानीघाट पर प्रतिदिन 10 से 20 लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। लेकिन यहां पर मृतकों की संख्या अधिक होने से लकड़ी का अकाल पड़ गया है। लोग अधिक दर पर लकड़ी खरीदकर अंतिम संस्कार कराने को विवश हैं।