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Bahraich News: मेडिकल कॉलेज में सिपाही के पति की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप

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महिला सिपाही व पति।
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बहराइच। पेट दर्द और सांस लेने में दिक्कत के बाद मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती महिला सिपाही के पति शैलेंद्र शर्मा (35) की रविवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। शहर में तैनात महिला सिपाही रिचा शर्मा ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पेट दर्द से तड़पते पति को वार्ड में तैनात सफाईकर्मी ने विगो लगाया, जो काम नहीं कर रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्होंने चिकित्सकों व कर्मचारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन समय पर प्रभावी सहायता नहीं मिली। मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य संजय खत्री ने जांच कमेटी गठित की है।
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कानपुर नगर निवासी रिचा शर्मा वर्ष 2016 बैच की सिपाही हैं और 2017 से बहराइच में तैनात हैं। वर्तमान में वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के जन शिकायत प्रकोष्ठ में कार्यरत हैं। रिचा के अनुसार, रविवार शाम करीब छह बजे पति शैलेंद्र को पेट में तेज दर्द और सांस लेने में परेशानी होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचीं। चिकित्सकों ने दोनों बांहों में इंजेक्शन लगाने और बीपी की जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया।
रिचा का आरोप है कि पति की हालत को देखते हुए उन्होंने इमरजेंसी के पास वार्ड देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें वार्ड नंबर पांच भेज दिया गया। वहां सफाईकर्मी ने शैलेंद्र को विगो लगाया, जो काम नहीं कर रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्होंने स्टाफ नर्स और चिकित्सकों से मदद मांगी, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिला। उन्होंने अस्पताल की हेल्पलाइन पर भी दो बार फोन किया, लेकिन मदद नहीं मिली। देर रात करीब नौ बजे शैलेंद्र की मौत हो गई। मृतक के भाई कमलेश चंद्र शर्मा भी सोमवार सुबह बहराइच पहुंचे। उन्होंने भी अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। शैलेंद्र की चार वर्ष की बेटी है।
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हेल्पलाइन पर भी नहीं मिली मदद
रिचा ने बताया कि पति की हालत बिगड़ने पर उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से कई बार मदद मांगी। आरोप है कि किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद अस्पताल की हेल्पलाइन पर दो बार फोन किया, लेकिन वहां से भी सहायता नहीं मिली। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य संजय खत्री ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सीएमएस ने कहा, आरोप निराधार
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा के अनुसार, शैलेंद्र कुमार को चार अक्तूबर की शाम 5:18 बजे इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। उपचार के बाद हालत स्थिर होने पर उन्हें जनरल मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट किया गया। संबंधित चिकित्सक ने मरीज को देखकर दवा दी थी। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार रात 7:40 बजे राउंड के दौरान मरीज वार्ड में नहीं था। सीएमएस ने बताया कि तीमारदार उसे करीब सात बजे वार्ड से बाहर ले गए थे। रात करीब आठ बजे उसे दोबारा इमरजेंसी लाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच कर सीपीआर दिया, लेकिन हालत गंभीर थी। उनके अनुसार मरीज को समुचित उपचार दिया गया और लापरवाही के आरोप निराधार हैं।

महिला सिपाही व पति।

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