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घाघरा की कटान में चार मकान और 85 बीघा भूमि समाहित

Tue, 18 Jul 2017 10:21 PM IST
बहराइच
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महसी में गोलागंज के कहारनपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी। - फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का जलस्तर फिर खतरे के निशान के निकट पहुंचकर फिर स्थिर हो गया है। हालांकि कटान जारी है। मंगलवार को कटान तेज होने से कहारनपुरवा गांव के चार ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हो गए। वहीं 85 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटी है। पीड़ित ग्रामीणों ने तहसील को सूचना दी है लेकिन अब तक न कटान रोकने के कोई उपाय हुए हैं, न ही राहत-सहायता मुहैया कराई गई है। 
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घाघरा नदी का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघरा घाट के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि जलस्तर में अब इजाफा की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अगर जलस्तर बढ़ा तो नदी फिर खतरे का निशान पार होगी ऐसे में नदी के मुहाने पर बसे गांवों मेें स्थिति भयावह हो सकती है।

वहीं जलस्तर स्थिर होने के बाद भी नदी की कटान थमी नहीं है। इस समय नदी की लहरें महसी तहसील क्षेत्र के गोलागंज, प्रधानपुरवा गांव के निकट तेज कटान कर रही हैं। प्रधानपुरवा निवासी विद्यासागर, अर्जुन, कैलाश, राधेश्याम के मकान कटान की भेंट चढ़े हैं।
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वहीं गोलागंज निवासी महादेव, मुलुक और कृपाराम के मकान पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं। जिसके चलते यह मकान कभी भी कटान की भेंट चढ़ सकते हैं। उधर गोलांगज और चुरईपुरवा के निकट नदी ने रात से अब तक कटान करते हुए घसीटे, सनेही, बदलू, महादेव, कृपाराम, लालजी, मोतीलाल, हीरालाल, सैलाबू, बालकराम और रमेश की 55 बीघा खेती योग्य जमीन को समाहित कर लिया है।

कटान से गांव के लोग दहशत में हैं। अफरा तफरी की स्थिति है। कटान पीड़ित ग्रामीणों ने तहसील को सूचना दी है। लेकिन कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। जिसके चलते राहत व बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है।
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