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86 ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरणों की खरीद में घपला

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फखरपुर (बहराइच)। विकास खंड फखरपुर की 86 ग्राम पंचायतों में बिना ग्राम प्रधानों को सूचना दिए कोरोना किट के तहत मेडिकल उपकरण खरीदे गए। यह सभी उपकरण क्षेत्र की एएनएम व आशा बहुओं को सौंप दिए गए, लेकिन शासनादेश के विपरीत अधिक दामों पर मेडिकल उपकरणों की खरीद की गई है। इसके लिए अब ग्राम प्रधानों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बिल और वाउचर लगाकर मनमाने तरीके से भुगतान का दबाव बनाए जाने पर ग्राम प्रधानों ने नाराजगी जतायी है।
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मार्च से कोरोना संक्रमण देश में शुरू हुआ। इसके लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत निधि से मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए शासनादेश जारी कर दिया, लेकिन कोरोना काल में ग्राम पंचायत अधिकारियों ने शासनादेश के विपरीत मेडिकल उपकरणों की खरीद कर डाली। इतना ही नहीं संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को मेडिकल उपकरण खरीदने की जानकारी भी नहीं दी गई। एडीओ पंचायत गुलामुद्दीन के मुताबिक फखरपुर विकास खंड में जुलाई में मेडिकल उपकरण खरीदे गए। विकास खंड की प्रत्येक ग्राम पंचायत में शासनादेश 2800 रुपये के स्थान पर पंचायत अधिकारियों ने 4500 रुपये से अधिक में खरीदारी की। घोटाले का खेल हर विकास खंड में अलग-अलग बजट पर किया गया है।
पयागपुर, विशेश्वरगंज और जरवल में छह-छह हजार में खरीदे गए तो फखरपुर में 4500 रुपये में मेडिकल उपकरण खरीद लिए गए। ऐसे में विकास खंड की 86 ग्राम पंचायतों में तीन लाख 87 हजार रुपये की खरीद की गई है। एडीओ पंचायत ने बताया कि उपकरण खरीद के बाद एएनएम और आशा बह्ओं को कोरोना जांच के लिए सौंप दिए गए। उसी से गांव-गांव में कोरोना की जांच की जा रही है। वहीं अधिकारियों की ओर से ग्राम प्रधानों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसको लेकर ग्राम प्रधानों में नाराजगी है।
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मीटिंग में सेक्रेटरी ने खरीद की दी जानकारी
सरायकाजी गांव के ग्राम प्रधान एजाजुद्दीन का कहना है कि हमें मेडिकल उपकरण खरीदे जाने की कोई जानकारी नहीं है और न ही अधिकारियों ने बताया है। गजाधरपुर की प्रधान प्रतिनिधि सलीम का कहना है कि कब उपकरण खरीदा गया है। इसकी कोई जानकारी नहीं है। एक दिन मीटिंग में सेक्रेटरी ने बताया था, उसके बाद से कोई पूछताछ नहीं हुई है।
छुट्टी के दौरान हुई खरीद
फखरपुर विकास खंड की 86 ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरणों की खरीद हुई। इसमें 4500 रुपये प्रति किट पर खर्च हुआ। पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर के साथ सैनिटाइजर और मास्क भी खरीदे गए थे। वह खरीद के समय 25 दिन की छुट्टी पर थे। उस समय आईएएस सूरज पटेल कार्यभार देख रहे थे। अभी भुगतान लंबित है।
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- गुलामुद्दीन, एडीओ पंचायत फखरपुर
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