बहराइच। तराई में शीतलहर का प्रकोप तेज हो गया है। शनिवार को पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। सर्द पछुआ हवाओं ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। न्यूनतम तापमान गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे लोग ठिठुरते रहे।
मौसम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं हैं। सुबह घने कोहरे के साथ दिन की शुरुआत हुई और इसके बाद पूरे दिन सर्द हवाओं का असर बना रहा। ठंड इतनी तेज रही कि हीटर और रजाई भी राहत नहीं दे पा रहे थे। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान महज 15 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में लगातार गिरावट के चलते जनजीवन प्रभावित नजर आया।
सुबह के समय कोहरे और धुंध के कारण आवागमन भी प्रभावित रहा। रोडवेज बसें आधे से एक घंटे देरी से गंतव्य पर पहुंचीं। सड़कों पर दृश्यता कम होने से वाहन रेंगते नजर आए। मजबूरी में घरों से निकले दिहाड़ी मजदूर और कामकाजी लोग ठिठुरते हुए दिखाई दिए। लोग अलाव के आसपास सिमटे रहे, वहीं घरों में बच्चे और बुजुर्ग कंबल व रजाई में दुबके रहे।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एके सिंह ने बताया कि जिले में दो दिन से कोल्ड-डे के हालात हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण ठंडी पछुआ हवाएं तराई में आ रही हैं। इसी वजह से शीतलहर का असर बढ़ा है और घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल मौसम में सुधार के आसार नहीं हैं।
कल से छाए रहेंगे बादल, और बिगड़ेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से जिले में बादल छाए रहेंगे। कोहरे, धुंध और बदली के चलते ठंड का असर और तेज होगा। विभाग ने अगले एक सप्ताह तक सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है। विशेष रूप से 24, 25 और 26 दिसंबर को घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। जिले में तापमान सामान्य से करीब नौ डिग्री कम बना हुआ है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है।
किसान लगातार करें खेतों की देखभाल
जिले में शीतलहर के साथ पाले का दौर भी शुरू हो गया है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. संदीप कनौजिया ने बताया कि लगातार धूप न निकलने से लाही सहित अन्य रबी फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने और आवश्यकतानुसार फसल सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है।