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Bahraich News: तेज हवा संग झमाझम बारिश से बढ़ी ठंड

Thu, 29 Jan 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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मिहींपुरवा- बिछिया मार्ग पर बारिश के दौरान गिरा पेड़।     -संवाद
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बहराइच/बिछिया। तराई में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। इससे ठंड में इजाफा हो गया। सुबह के समय ठिठुरन का अहसास हुआ। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जंगल में भारी बारिश से कई जगओं पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा।
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मिहींपुरवा-कतर्नियाघाट मार्ग पर बिछिया और निशानगाड़ा के बीच सड़क पर एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस कारण मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे तक यातायात प्रभावित रहा। वन विभाग के कर्मचारियों ने गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाया, इसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।


बारिश ने किसानों को भी असमंजस में डाल दिया है। अचानक बदले मौसम से जहां मटर की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है, वहीं गेहूं, सरसों और आम की फसलों के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे गेहूं की फसल को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरसों की फसल को भी इससे फायदा पहुंच सकता है।
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आम के बागानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद बताई जा रही है, क्योंकि इससे पेड़ों को जरूरी नमी मिलती है। हालांकि मटर की फसल में अधिक नमी होने से पैदावार प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है।


मौसम विभाग के विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी के अनुसार अगले 24 घंटे में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है।

स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग
मौसम में अचानक आए बदलाव से स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है। ठंड बढ़ने से सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पी तिवारी का कहना है कि सुबह-शाम ऊनी कपड़े जरूर पहनें, ठंडी हवा से बचाव करें। खानपान में गर्म व ताजा भोजन शामिल करें। ठंडा पानी और खुले में रखी चीजों से परहेज करें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
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क्या करें किसान

- खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था रखें, ताकि बारिश का पानी जमा न हो।
- गेहूं और सरसों की फसलों में हल्की सिंचाई की जरूरत हो तो रोक दें, क्योंकि पर्याप्त नमी मौजूद है।
- आम के बागानों में जलभराव न होने दें, गिरे हुए फूल-फल हटाते रहें।
- मटर की फसल में फंगल रोग से बचाव के लिए खेत की नियमित निगरानी करें।
- मौसम की जानकारी रोज लें और उसी अनुसार खेती से जुड़े फैसले करें।
- ठंड और नमी को देखते हुए बीज व उर्वरक सुरक्षित स्थान पर रखें।



क्या न करें किसान

- बारिश के तुरंत बाद खेत में अनावश्यक जुताई या भारी मशीनों का उपयोग न करें।
- पानी भरे खेतों में खाद या कीटनाशक का छिड़काव न करें।
- मटर की फसल में अधिक सिंचाई बिल्कुल न करें।
- बिना जरूरत रसायनों का प्रयोग न करें, इससे फसल को नुकसान हो सकता है।
- खराब मौसम में पेड़ों के नीचे या खुले खेतों में काम करने से बचें।
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