बहराइच। तराई में करवट ले रहे मौसम में स्थिरता आ चुकी है। मंगलवार से शुरू हुआ बर्फीली हवाओं का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। शीतलहरी चलने के कारण लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। जगह-जगह लोग अलाव से चिपके हुए दिखाई दिए। स्कूली बच्चे सुबह ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
तराई में कुछ दिन पूर्व गिरे ओले और बारिश के बाद मौसम में कुछ सुधार दिखाई देना शुरू हुआ था। मगर सोमवार की रात से अचानक तेज हवाओं के चलने का सिलसिला शुरू हो गया। बर्फीली हवाएं चलने लगीं। जिससे मंगलवार को पूरे दिन आसमान में बदली छायी रही। यही हाल बुधवार को भी रहा।
पारा लुढ़कने से लोगों को ठिठुरन का एहसास हुआ। वहीं शीतलहरी चलने के कारण गलन भी बढ़ गई। अचानक बढ़ी ठंड के बाद लोग ठिठुरते हुए घर से बाहर निकले। गर्म कपड़ों से ठंड से बचने का प्रयास करते हुए देखे गए। वहीं चौक-चौराहों पर लोग अलाव के किनारे चिपके हुए बैठे रहे।
बुधवार को छोटे-छोटे बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि मौसम में अभी भी स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। ठंड और गलन और भी बढ़ सकती है। बुधवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
स्कूल-कॉलेज आज से दो दिन बंद
बहराइच। जिले में हो रही कड़ाके की ठंड और शीतलहरी को देखते हुए डीएम शंभु कुमार ने स्कूलों को बंद किए जाने के आदेश दिए हैं। बीएसए एसके तिवारी ने बताया कि सभी कक्षा 1 लेकर 12 तक के कॉलेज दो दिन बंद रहेंगे। 19 और 20 दिसंबर को स्कूल बंद करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें सभी बोर्ड शामिल हैं।