तराई में ठंड लगातार बढ़ रही है। रविवार को भी कोहरे का दौर जारी रहा। ठिठुरन और गलन के कारण आम जनजीवन अस्तव्यस्त दिखा। कोहरे के चलते ट्रेनों और बसों की रफ्तार थमी रही। ट्रेने आधा घंटा विलंब से संचालित हुईं। ठंड से मजदूरी पेशा लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। इसके बावजूद अभी तक अलाव नहीं जलाए गए।
तराई रविवार सुबह कोहरे की चादर में लिपटी हुई थी। लोग घरों से गर्म कपड़ों में लिपटकर निकले। पूरे दिन कोहरा छाया रहा। धूप नहीं निकली। अचानक बढ़ी ठंड से लोगों की मुश्किले बढ़ गई हैं। पछुवा हवा ने लोगों की परेशानी और बढ़ाई। ठिठुरन और गलन से लोग कांपने को मजबूर हुए। घरों से निकले मजदूरी पेशा लोगों को अधिक दिक्कत हुई।
अवकाश के चलते नौकरी पेशा लोग घरों में ही दुबके रहे। उधर कड़ाके की ठंड के बावजूद जिला प्रशासन ने अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं करवाई हैं। ऐसे में मजदूरी करने व रिक्शा चलाने वाल कागज व कूड़ा जलाकर ठंड से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं।
घने कोहरे के चलते रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। सड़क पर वाहन रेंगते दिखे। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह के मुताबिक रविवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
हवा तीन किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते मौसम में तब्दीली हुई है। रात में कोहरा और बढ़ने की संभावना है। इससे सुबह लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा।