बहराइच। जिले के गरीब मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने सीएमओ सहित प्रशासनिक कार्य देखने वाले सभी मेडिकल अफसरों की भी ओपीडी अनिवार्य कर दी है। इसके तहत सीएमओ व अन्य मेडिकल अफसर सप्ताह में तीन दिन दो-दो घंटे ओपीडी में बैठकर मरीज देखेंगे।
जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर तैनात सात विशेषज्ञ चिकित्सक वर्तमान में मेडिकल अफसर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार जहां नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं तो डीटीओ डॉ. एमएल वर्मा चेस्ट फिजीशियन हैं। यही नहीं एसीएमओ डॉ. संतोष राणा, डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा, डॉ. सुरेश गौतम व डॉ. पीके वर्मा एमबीबीएस हैं। प्रशासनिक कार्यों से जुड़े होने के कारण अभी इनकी विशेषज्ञता का फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने सभी मेडिकल अफसरों को सप्ताह में तीन दिन ओपीडी में बैठने व मरीजों के इलाज का आदेश दिया है।
स्थान व समय निर्धारित न होने से होगी असुविधा
सरकार की ओर से मेडिकल अफसरों के ओपीडी में बैठने का निर्णय लिया गया है, लेकिन स्थान व समय को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि सीएमओ, एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ सप्ताह में तीन दिन दो-दो घंटे की ओपीडी करेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारी निरीक्षण के दौरान किसी भी सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी कर लेंगे। हालांकि, स्थान व समय की स्पष्टता न होने से सभी मरीजों को इन अफसरों का बेहतर लाभ नहीं मिल पाएगा। ऐसे में महीने में रोटेशन के आधार पर सभी मेडिकल अफसरों के सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी करने की समय सारणी जारी होनी चाहिए, ताकि मरीज उक्त समय पर संबंधित सीएचसी-पीएचसी पहुंच कर सरकार द्वारा दी गई सुविधा का फायदा उठा सकें।
ओपीडी करने का आदेश आया है, जिसे लागू कर दिया गया है। मरीज संख्या व स्थल अभी निर्धारित नहीं है।
- डॉ. संजय शर्मा, सीएमओ