स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जांचने के लिए बुधवार को सीएमओ ने कैसरगंज तहसील क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर छापेमारी की। दोपहर में अस्पताल समय में ही कैसरगंज के प्रभारी चिकित्साधीक्षक अपने आवास पर प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिले। उन्हें तत्काल अधीक्षक के पद से मुक्त करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
सीएचसी मुस्तफाबाद व कैसरगंज में तीन चिकित्सक और आठ चिकित्साकर्मी ड्यूटी से नदारद मिले। जरवलरोड अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र पर अस्पताल समय में स्टाफ नर्स आवास पर मिली। ड्यूटी से नदारद सभी कर्मियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके सिंह ने जरवल विकासखंड के मुस्तफाबाद सीएचसी का मुआयना किया।
यहां पर आयुष चिकित्सक डॉ. सीमा अफरोज, डॉ. अभिषेक कृष्ण, चिकित्साकर्मी पूनम सिंह, माया देवी, पूनम पांडेय, अवनीश श्रीवास्तव व एमके रावत ड्यूटी से नदारद मिले। सीएचसी पर एचआईवी किट नहीं पाई गई। दवाओं के रैपर पर मुहर भी नहीं मिली।
जेएसवाई के 100 से अधिक लाभार्थियों को भोजन भी नहीं दिया गया है। इस मामले में सीएमओ ने नाराजगी जताई। इसके बाद वे दोपहर 12:30 बजे कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
यहां के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. एनके सिंह आवास पर अस्पताल समय प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिले। मौके पर पांच मरीज भी मिले। उन्होंने बताया कि वे डॉ. एनके सिंह को प्राइवेट दिखाने आए हैं। जिस पर तत्काल प्रभाव से डॉ. एनके सिंह को अधीक्षक पद से मुक्त कर दिया गया।
डॉ. एसके सिंह को प्रभारी बनाया गया है। चिकित्सक आलिया खान, ऑपरेटर सुभाष, संजय तिवारी व स्टॉफ नर्स सगुफ्ता अनुपस्थित मिलीं। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जरवलरोड के निरीक्षण में स्टाफ नर्स मंजू अस्पताल समय में घर पर मिलीं। इस पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।