बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्मारक के शिलान्यास कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव की वीरता और पराक्रम पर चर्चा करते हुए मुगल आक्रांताओं से युद्ध में उनके बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने पूजन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से स्मारक का शिलान्यास किया। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया गया।
11वीं शताब्दी के प्रतापी शासक व पराक्रमी योद्धा महाराजा सुहेलदेव के जयंती समारोह पर चित्तौरा स्थित उनके स्मारक एवं चित्तौरा झील के विकास की योजना के शिलान्यास एवं महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के लोकार्पण के लिए आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बहराइच पहुंचे। उन्होंने सर्वप्रथम महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद राज्य ललित कला अकादमी द्वारा नगर पालिका परिसर में आयोजित तीन दिवसीय चित्रकार शिविर में महाराजा सुहेलदेव की जीवनगाथा, शौर्य एवं राष्ट्रीयता विषय पर बनाए गए चित्रों, एक जनपद एक उत्पाद, बच्चों की पेंटिंग, पर्यटन, इंडियन पोस्टल व महाराजा सुहेलदेव स्थल के विकास के मॉडल पर लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्मारक स्थल में मौलश्री पौध का रोपण कर राम मंदिर की थीम पर बनाई गई आकर्षक रंगोली भी देखी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान के साथ महाराजा सुहेलदेव स्मारक एवं चित्तौरा झील की विकास योजनाओं का भूमि पूजन किया। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक एवं चित्तौरा झील की विकास योजना के शिलान्यास एवं महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का लोकार्पण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। योगी ने कहा कि भारतवर्ष के इतिहास में मध्यकाल की ग्यारहवीं सदी में उत्तर प्रदेश के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव एक प्रतापी राजा थे। उन्होंने मुगल आक्रांताओं से भारतीय संस्कृति एवं विरासत की रक्षा की थी। महाराजा सुहेलदेव का शौर्य एवं पराक्रम वर्तमान पीढ़ी के लिए एक गौरवशाली उदाहरण है। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबला करने के लिए 21 राज्यों का संगठन बनाकर कुशल रणनीतिकार के रूप में विशिष्ट युद्ध कला के माध्यम से उन्होंने विजय प्राप्त की थी।
सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि 1012 वर्ष पूर्व विदेशी आक्रांताओं से धर्म की रक्षा करने वाले शूरवीर महाराजा सुहेलदेव के स्मारक का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पूर्व बने मेडिकल कॉलेज का नाम भी महाराजा सुहेलदेव को समर्पित किया गया है। साथ ही इस क्षेत्र के महर्षि बालार्क के नाम पर बहराइच जिला चिकित्सालय का भी नामकरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्मारक के शिलान्यास व मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर, सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, पर्यटन, धर्मार्थ कार्य व संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, सांसद अक्षयबर लाल गोंड, राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, विधायक घोसी विजय राजभर, विधायक महसी सुरेश्वर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री जन सहभागिता निराश्रित गोवंश योजना के तहत हरिकेश राजभर को प्रमाणपत्र, आजीविका एक्सप्रेस के अंतर्गत गांधी स्वयं सहायता समूह बभनी सैदा रिसिया की रीना देवी, हजरत स्वयं सहायता समूह बलभद्दरपुर रिसिया की गीता व आयशा स्वयं सहायता समूह की आयशा खातून को वाहन की चाभी सौंपी। जय मां संतोषी स्वयं सहायता समूह नगरौर की वंदना को स्टार्टअप कास्ट का चेक, खुशी आजीविका सहायता समूह मछियाही चित्तौरा की नीरज कुमारी को कोटे की दुकान के संचालन का प्रमाणपत्र सौंपा। बालाजी स्वयं सहायता समूह रायपुर चित्तौरा की सुनीता को सामुदायिक शौचालय संचालन का प्रमाणपत्र सौंपा।
इस अवसर पर सांसद कैसरगंज बृजभूषण शरण सिंह, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, नानपारा विधायक माधुरी वर्मा, बलहा विधायक सरोज सोनकर, श्रावस्ती विधायक राम फेरन पांडेय, प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम, महानिदेशक पर्यटन एनजी रवि कुमार, मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव, डीआईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी शंभु कुमार, एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र, सीडीओ कविता मीणा सहित अन्य अधिकारी और महाराजा सुहेल देव स्मृति न्यास के उपाध्यक्ष राजा यशवेंद्र विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान थारु जनजाति के कलाकारों द्वारा महाराजा सुहेलदेव के जीवन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।