फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब एमडीएम की गुणवत्ता से खिलवाड़ पड़ेगा भारी

Tue, 10 May 2016 09:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मिड-डे मील - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बहराइच (ब्यूरो)। राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश पर मध्याह्न भोजन योजनाओं की जांच के लिए जिला स्तरीय टीम सीजेएम ने गठित की है। चार सदस्यीय यह टीम बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए भोजन की गुणवत्ता का स्थलीय सत्यापन करेगी।
विज्ञापन


छात्र संख्या का भी मुआयना करेगी। इसके बाद रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी जाएगी। फिर ये रिपोर्ट सीजेएम द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली को भेजी जाएगी।

कुपोषण पर अंकुश लगाने व संचालित मध्याह्न भोजन योजनाओं के शत प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली की ओर से बाल अधिकार संरक्षण की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


उसी के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बहराइच के सचिव व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय बहादुर यादव ने मध्याह्न भोजन योजनाओं की जांच के लिए कमेटी गठित की है। सीजेएम ने बताया कि शारदा सहायक परियोजना इंटर कॉलेज गिरिजापुरी के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य पीएन सिन्हा को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

जबकि महाराज सिंह इंटर कॉलेज के प्रवक्ता अरविंद कुमार वर्मा, प्राथमिक विद्यालय टेपरी बरईपारा के प्रधानाध्यापक रईश अहमद व बीईओ नगर क्षेत्र कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक गौस उमर हसेरी को सदस्य मनोनीत किया गया है। यह टीम विद्यालय और कॉलेजों का औचक निरीक्षण कर मीनू के अनुरूप भोजन की गुणवत्ता परखेगी। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें