सुजौली (बहराइच)। थाना क्षेत्र के छह गांवों में कई ग्रामीणों ने नेपाल से आए ईसाई मिशनरियों के बहकावे में आकर धर्म परिवर्तन कर लिया। डीएम और एसपी के निर्देश पुलिस घर-घर जाकर उन सभी को समझा रही है। शनिवार को ईसाई धर्म की महिला प्रचारक ने हिंदू धर्म अपनाते हुए पुलिस को बाइबिल सौंप दी। मालूम हो कि दो दिन पूर्व ही 21 परिवारों ने घर वापसी की थी।
सुजौली थाना क्षेत्र के फकीरपुरी, विशुनापुर, रानाफार्म मटेही, थारूपुरवा, मंगलपुरवा, रमपुरवा मटेही, हरैया और कोहली गांव के कुछ लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। इन गांवों के 300 लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया था। इससे जिले के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। दो दिन पूर्व जिलाधिकारी और एसपी ने गांव पहुंचकर लोगों को समझाया। आरएसएस व हिंदू संगठनों के लोगों ने भी इन सभी को समझाया। इस पर 21 लोगों ने घर वापसी करते हुए हिंदू धर्म अपनाया था।
उधर, एसपी और डीएम के निर्देश पर सुजौली पुलिस घर-घर जाकर लोगों को हिंदू धर्म के बारे में बता रही है। लोगों को अपने मूलधर्म में आने के लिए समझा रही है। शनिवार को सुजौली के एसआई अशोक कुमार की अगुवाई में राजकुमार, दीपक सिंह जमुनिहा, कारीकोट, थारुपुरवा, मंगलपुरवा गांव में प्रभावित लोगों को समझाया गया। साथ ही गांव के लोगों को झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी।
वहीं सुजौली पुलिस की दूसरी टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, प्रमोद यादव, इंद्रेश यादव, रामेंद्र यादव व महिला कांस्टेबल वंदना तिवारी, आंशि तिवारी ने रमपुरवा मटेही, कोहली गांवों के लोगों को एकत्रित करके उनसे बातचीत की और उन्हें समझाया। पुलिस के समझाने पर रानाफार्म मटेही गांव निवासी ईसाई मिशनरी की धर्म प्रचारक सनप्रिया पत्नी बंबर ने हिंदू धर्म में वापसी कर ली। सनप्रिया ने अपने गांव से 10 बाइबिल पुस्तक पुलिस को दिलाईं।