उर्रा (बहराइच)। वनग्राम से राजस्वग्राम बने गोकुलपुर गांव में शनिवार देर शाम जिलाधिकारी ने चौपाल लगाई। चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण का आश्वासन दिया। डीएम ने गांव के सभी मजरों में विद्युतीकरण करवाने व खड़ंजा बिछवाने के निर्देश दिए।
साथ ही पात्र ग्रामीणों को आवास, पेंशन, किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि पात्र ग्रामीण लाभ के लिए भटकें न, अधिकारी इसका ध्यान रखें।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के ककरहा रेंज से सटे गोकुलपुर गांव एक वर्ष पूर्व तक वनग्राम था लेकिन प्रदेश सरकार ने दीपावली के अवसर पर ग्राम पंचायत को राजस्व ग्राम का दर्जा दे दिया। राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने चौपाल लगाकर विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए लेकिन इसके बाद भी विकास की रफ्तार थमी रही।
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की। डीएम ने गांव में चौपाल लगाने की बात कही। इस पर आननफानन में विद्युत व सड़क विभाग के अधिकारियों ने कार्य शुरू करवा दिया। जिलाधिकारी शंभु कुमार ने शनिवार देर शाम गांव में चौपाल गाई।
चौपाल में डीएम, सीडीओ अरविंद सिंह चौहान, एसडीएम बाबूलाल, उपायुक्त स्वत: रोजगार सुरेंद्र कुमार गुप्त की अगुवाई में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव के सभी मजरों में विद्युतीकरण कराने के साथ खड़ंजा बिछवाएं।
विद्यालयों का रंग-रोगन करवाएं। शिक्षक स्कूल में पढ़ाने के लिए नियमित आएं। डीएम ने कहा कि पात्र ग्रामीणों को राशनकार्ड, आवास, पेंशन, शौचालय तथा किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ दिलाएं। पात्र ग्रामीण योजनाओं से वंचित न रहें।
शिथिलता मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। चौपाल में अपने बीच अधिकारियों को पाकर ग्रामीण भी खुश दिखे। सभी ने समस्याओं व विकास से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर सीओ अरुण चंद्र, तहसीलदार, कोतवाल मुर्तिहा प्रदीप कुमार मौर्या समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
सेमरीघटही स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक वर्षों से नदारद चल रहे हैं। इससे सीएचसी का संचालन सिर्फ फार्मासिस्ट के सहारे हो रहा है। मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक के न होने की बात कही। इस पर एसडीएम ने जांच करवाकर कार्रवाई करने की बात कही।