बहराइच। चिलवरिया चीनी मिल से जुड़े 560 किसानों का करीब 104 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। बकाया भुगतान को लेकर किसानों की चिंता अब सिम्भावली शुगर की दिवाला समाधान प्रक्रिया के बीच बढ़ गई है। किसानों ने कंपनी के संचालन और भुगतान की व्यवस्था को लेकर अनुभवी समाधान पेशेवर नियुक्त करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
अनुराग गोयल दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के तहत पंजीकृत दिवाला पेशेवर हैं। पंजाब नेशनल बैंक की याचिका पर राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण ने 11 जुलाई 2024 को सिम्भावली शुगर को दिवाला समाधान प्रक्रिया में भेजा था। इसी प्रक्रिया में अनुराग गोयल को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति के बाद कंपनी के निदेशक मंडल की शक्तियां निलंबित हो गईं और कंपनी के प्रबंधन तथा संचालन की जिम्मेदारी अंतरिम समाधान पेशेवर के पास आ गई।
हालांकि, किसानों का कहना है कि करीब दो साल की प्रक्रिया के बाद भी चिलवरिया के किसानों का बकाया भुगतान नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति सुधारने और मिल के संचालन को बेहतर बनाने की दिशा में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं।
13 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण ने कंपनी से जुड़ी अपीलों का निस्तारण करते हुए अंतरिम रोक संबंधी आदेश समाप्त कर दिए। इसके बाद दिवाला समाधान प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार, महिला जिलाध्यक्ष उत्तम कुमारी और विशेश्वरगंज ब्लॉक अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि किसानों के बकाये का भुगतान कराने के साथ चिलवरिया इकाई को प्रभावी ढंग से चलाना भी जरूरी है। उनका कहना है कि अनुभवी व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलने से कंपनी के संचालन, संपत्तियों के प्रबंधन और किसानों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है।