बहराइच में मंगलवार को सुबह के समय छाया कोहरा। -संवाद
बहराइच। तराई में मौसम का तेवर तीखा होता जा रहा है। मंगलवार को ठिठुरन और गलन से निजात नहीं मिली। कोहरे व 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली बर्फीली हवा से ठिठुरन बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त दिखा। मौसम विभाग के मुताबिक नव वर्ष तक इसी तरह के मौसम का सामना तराई के लोगों को करना पड़ेगा।
तराई में मंगलवार की सुबह घने कोहरे और धुंध के बीच हुई। पूरे दिन बर्फीली हवा के कारण जिले के लोग बेहाल रहे। कड़ाके की ठंड के चलते सामान्य दिनों की तरह शहर में आवागमन नहीं दिखा। ज्यादातर लोग घर में कैद रहे। मजदूरी पेशा वर्ग के लोग घरों से निकले तो जरूर, लेकिन वह भी अपने को ठंड से बचाने की जुगत करते दिखे।
11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली सर्द हवा ने ठिठुरन और गलन में इजाफा कर दिया। इससे लोग बेहाल रहे। दिनभर लोग अलाव तापते नजर आए।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ एके सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बनी हुई है। इसी के चलते तराई के तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह मौसम में बदलाव के संकेत नहीं मिल रहे हैं। तराई के लोगों को इसी तरह के मौसम के सख्त मिजाज का सामना करना पड़ेगा।
फिर हो सकता है घना कोहरा
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और उधर से आ रही बर्फीली पछुआ हवा के चलते बुधवार को जिले के लोगों को फिर घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
लगातार ठंड से पर्यटन भी प्रभावित
शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी रहने से पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है। लखनऊ से कतर्निया घूमने आए रामजी दीक्षित ने बताया कि सर्दी के कारण जंगल में घूमना कष्टप्रद है। इस मौसम में जानवर भी दुबके रहते हैं। धूप खिलने पर ही पर्यटन का आनंद है। सभी पर्यटकों को गुनगुनी धूप का इंतजार है।