बहराइच। हुजूरपुर के गुदुवापुर गांव में पखवारे भर से खसरा फैला हुआ है। खसरे से एक ओर जहां मंगलवार को एक मासूम की मौत हो गई वहीं 40 लोग बीमार हैं। जबकि इनमें पांच बच्चों की हालत गंभीर है।
कई बार सूचना देने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची जरूर लेकिन औपचारिकता निभाकर लौट गई। मामले में स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे हुए है।
तराई में पल-पल बदल रहे मौसम के कारण खसरे का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। रानीपुर थाना अंतर्गत विकास खंड हुजूरपुर के गुदुवापुर गांव में पखवारे भर से खसरे का प्रकोप है।
कोई ऐसा घर नहीं है, जहां कोई सदस्य खसरे से पीड़ित न हों। खसरे के कारण गांव निवासी हिमांशी (6), करिश्मा (4), प्रांशू (8), महिमा (5), बेबी (5), अर्चना (8), राहुल (12), गुड़िया (10), उपेंद्र व अंजली (2), सुधा (4) समेत 40 लोग चपेट में हैं।
खसरा फैलने की सूचना गांव के लोगों ने पांच दिन पहले स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दी, लेकिन कोई चिकित्सीय टीम नहीं पहुंची। इस पर परेशान ग्रामीणों ने सीएमओ कार्यालय को बताया, फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया। इसके बाद सोमवार दोपहर बाद संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम गांव पहुंची। लेकिन औपचारिकता निभाकर लौट आई।
नतीजन खसरे से कराह रही चार वर्षीय करिश्मा ने मंगलवार दोपहर दम तोड़ दिया। परिवार के लोग बिलख रहे हैं। करिश्मा के चाचा रामगोपाल प्रजापति ने बताया कि डॉक्टरों की टीम आई तो जरूर थी, लेकिन सभी पीड़ितों को जिला अस्पताल पहुंचाने की बात कहकर लौट गई थी।
इलाज ठीक से नहीं किया गया। इस कारण करिश्मा ने दम तोड़ दिया है। अभी भी हिमांशी, प्रांशू, महिमा, बेबी और अर्चना की हालत नाजुक बनी हुई है। इस मामले में संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष के प्रभारी मुईन अहमद का कहना है कि टीम गांव गई थी। कैंप करके इलाज किया। दोबारा टीम को भेजा जा रहा है।