तराई में कड़ाके की ठंड से सोमवार रात पटना खरगौरा गांव में एक किशोर की मौत हो गई। वहीं, लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से समूचा जिला कोहरे के आगोश में लिपटा रहा। वहीं, बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठिठुरन के कारण लोग घरों में दुबके रहे। आसमान में छाई धुंध के बीच बरस रहे कोहरे ने वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी है।
जिले में विगत चार दिन से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं। मंगलवार को भी सुबह से घना कोहरा छाया रहा। करीब चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं से ठिठुरन के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर रहा। चारों तरफ छाई धुंध के बीच घने कोहरे से जहां मार्गों पर फिसलन की समस्या उत्पन्न है वहीं, घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।
हर कोई खुद को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े व अलाव का सहारा ले रहा है। ठंड बढ़ने के कारण ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ी है। लगातार जारी ठंड का प्रकोप अब जानलेवा होता जा रहा है। सोमवार रात भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पटना खरगौरा निवासी सूर्यमणि (11) पुत्र रामदयाल की ठंड से मौत हो गई। परिवारीजनों के मुताबिक सूर्यमणि को तेज पेटदर्द हो रहा था।
परिवारीजनों ने देर शाम सूर्यमणि को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घरवाले ठंड से मौत होने की बात कह रहे हैं मगर संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस वेदप्रकाश शर्मा का कहना है कि, सूर्यमणि को दौरे आते थे। उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। मौत होने पर परिवारीजन शव लेकर चले गए, ऐसे में सूर्यमणि की मौत कैसे हुई? इस बारे में कुछ भी बता पाना संभव नहीं है।