स्वास्थ्य महकमे के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निदेशक डॉ. आरएस रावत ने कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने एक माह के भीतर ओपीडी मरीजों की संख्या क्या रही, साथ ही ओपीडी वार्ड में इमरजेंसी में कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध हैं, इसका पूरा ब्यौरा उन्होंने तलब किया है।
इसके अलावा गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत मिलने वाली सुविधाओं का भी निरीक्षण किया है।
इसके बाद निदेशक डॉ. आरएस रावत ने जिला पुरुष व महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट व असुरक्षित गर्भपात के मामलों में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जांच की है।
सूत्रों की मानें तो सीएचसी-पीएचसी व जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों पर असुरक्षित गर्भधारण का हवाला देकर पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा था। निदेशक डॉ. आरएस रावत को महकमे ने जांच सौंपी है। इसी सिलसिले में सोमवार को उन्होंने अचानक दौरा किया।
सूत्रों की मानें तो कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। डॉ. आरएस रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।