जरवल (बहराइच)। नगर में करई झील, सरकारी पुलिया, तालाब, खलिहान और कुएं की जमीन है। इनकी भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। कब्जा हटवाने के लिए अधिशासी अधिकारी ने नोटिस तैयार करवाया, लेकिन उनको पालिका अध्यक्ष के पति ने फाड़ दिया। इसके साथ सभासद प्रतिनिधि की ओर से लाए गए स्थगन आदेश को फर्जी कागजात लगाकर खारिज करा दिया गया है। यह सब जानने के बाद भी पालिका अध्यक्ष मौन हैं।
जरवल नगर पंचायत में सरकारी पुलिया, करई झील, तालाब, खलिहान और कुएं की जमीन पर नगर के दबंगों ने कब्जा जमा लिया है। गाटा संख्या 1628 व 589 की जमीन पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। नगर पंचायत कार्यालय से कुछ दूरी पर स्थित करई झील की जमीन पर दबंगों ने दुकान बनवा ली है। माशूकनगर मोहल्ले में स्थित तालाब को पाटकर एक व्यक्ति की ओर से अवैध निर्माण करवाया जा रहा है। पुलिया को पाटकर लोग निर्माण कर रहे हैं। जगह-जगह अवैध कब्जे से जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हो रही है। बारिश होने पर नगरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर कृष्णानगर वार्ड के सभासद प्रतिनिधि चंदन गुप्ता ने झील और घोसियाना मार्ग पर हो रहे कब्जे का विरोध करते हुए कोर्ट से स्थगन आदेश ले लिया। वहीं दबंगों ने फर्जी कागजात प्रस्तुत कर स्थगन आदेश को रुकवा दिया। अध्यक्ष व निकाय प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते सभासद प्रतिनिधि भी चुप्पी साध गए। इसको लेकर नगरवासियों में रोष है। नगरवासियों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार सरकारी जमीनों से कब्जा हटवाने की बात कहती है तो दूसरी ओर जरवल में नगर पालिका की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। सभी जिम्मेदार मौन हैं।
वहीं अधिशासी अधिकारी अवैध कब्जे दारों के खिलाफ नोटिस तैयार करवाने की बात बताते हैं। अधिशासी अधिकारी देव कुमार ने बताया कि नगर में स्थित करई झील की जमीन पर भू माफिया की ओर से करवाए जा रहे निर्माण की जानकारी हुई। इस पर पूर्व में नोटिस बनवाया गया। अवैध निर्माण रुकवाने के लिए नोटिस भेजने की कवायद की जा रही थी, लेकिन पालिका अध्यक्ष के पति ने नोटिस को फाड़ दिया। वहीं मामले में पालिका अध्यक्ष का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन मिलाया गया पर बात नहीं हो सकी।