बहराइच। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण व क्षति के आंकलन के लिए तीन सदस्यीय केंद्रीय दल रविवार को जनपद पहुंचा। टीम ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
ग्रामीण मंत्रालय भारत सरकार के उप सचिव शैलेश कुमार के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता रोड ट्रांसपोर्ट हाईवे अभिलाष कुमार व निदेशक अपर गंगा परियोजना बीसी विश्वकर्मा रविवार को जनपद पहुंचे। इस दौरान उनके लाइजन ऑफिसर प्रोजेक्ट विशेषज्ञ राहत आयुक्त कार्यालय चंद्रकांत भी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने महसी और कैसरगंज क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। केन्द्रीय दल ने जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान, बाढ़ व कटान से प्रभावित मकानों व अन्य संपत्तियों का हाल जाना। उप सचिव शैलेश कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के किसानों से बाढ़ के अनुकूल खेती करने का सुझाव दिया।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन, लोक निर्माण, शिक्षा, सिंचाई सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी जयचंद्र ने जनपद में बाढ़ से हुई क्षति तथा बाढ़ के दौरान संचालित किये गये बचाव एवं राहत कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बलवंत सिंह, उप जिलाधिकारी महसी एसएन त्रिपाठी, कैसरगंज के महेश कुमार कैथल, मोतीपुर के ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, पुलिस क्षेत्राधिकारी पयागपुर नरेश सिंह, एक्सईएन पीडब्लूडी आरके राम, ड्रेनेज खंड के शोभित कुशवाहा, तहसीलदार महसी राजेश कुमार वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार यादव, उप निदेशक कृषि डॉ. आरके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।