बहराइच। मकर संक्रांति पर्व शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाई गई। स्नान कर श्रद्धालुओं ने सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की।
फिर खिचड़ी दान का सिलसिला शाम तक जारी रही। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा कर बेसहारा और गरीबों को भोज भी कराया।
भोर होते ही लोगों ने घरों में स्नान कर परंपरागत तरीके से खिचड़ी का दान कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान शहर के सिद्धनाथ मंदिर, संहारिणी माता मंदिर, रामजानकी मंदिर, मरीमाता मंदिर में श्रद्धालु उमड़े।
जगह-जगह कथा और प्रवचन का भी आयोजन हुआ। मरीमाता मंदिर, संहारिणी माता मंदिर के निकट समाजसेवियों ने खिचड़ी के साथ ही गरीबों व साधु संतों को कंबल तथा फल का वितरण किया।
उधर, छावनी बाजार में साधु-संतों को कंबल और खिचड़ी का वितरण व्यवसायियों ने किया। जरवलरोड में भी सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा।
नानपारा के गायघाट स्थित सरयू तट पर आसपास के ग्रामीणों ने नदी में स्नान किया। मंदिरों में दर्शन के बाद खिचड़ी दान करने का सिलसिला शाम तक जारी रहा।
वहीं, नेपाल के प्रभुनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं में भी उत्साह रहा। उधर पयागपुर, रिसिया, मटेरा, नानपारा, मिहींपुरवा और कैसरगंज में भी मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को मकर संक्रांति की बधाई भी दी।