बहराइच। अपने मौसेर भाइयों की गरीबी पर तरस खाकर शहर के मोहल्ला कानूनगोपुरा दक्षिणी निवासी एक व्यापारी ने उन्हें अपने व्यापार में शामिल किया था। लेकिन कुछ माह बाद मौसरे भाइयों की नीयत खराब हो गई। सभी ने वाणिज्य कर अधिकारी कैसरगंज से साठगांठ कर व्यापारी के दुकान का फर्जी दस्तावेज तैयार कर दुकान का पंजीकरण करा लिया। मामले में पीड़ित की तहरीर पर एसओ ने वाणिज्य कर अधिकारी समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी आदि का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शहर के मोहल्ला कानूनगोपुरा निवासी कुलदीप सिंह की कैसरगंज स्थित राम जानकी मंदिर के पास पुरानी कपड़े की दुकान है। कुलदीप ने अपने मौसरे भाई हरमिंदर सिंह उर्फ ऋषि, गुरुदीप सिंह ऊर्फ मुनि, जसवीर सिंह उर्फ गोविंद, जसविंदर सिंह उर्फ प्रिंस व नानक को आर्थिक रूप से परेशान देखकर उनको दुकान सौंपकर साथ में व्यापार करने के लिए कहा था। कुलदीप का कहना है कि कुछ माह तो सब ठीक-ठीक रहा। लेकिन इसके बाद मौसरे भाइयों के मन में लालच आ गया।
सभी ने कैसरगंज के वाणिज्य कर अधिकारी बृजेश गुप्ता से साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर दुकान का पंजीकरण अपने नाम से करा लिया।
कुलदीप ने बताया कि जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने कैसरगंज थाने में वाणिज्य कर अधिकारी समेत अपने सभी मौसेरे भाइयों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एसओ ने बताया कि तहरीर के आधार पर वाणिज्य कर अधिकारी समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना थाने के एसआई रंजीत भारती को सौंपी गई है।