पयागपुर (बहराइच)। सरसा गांव निवासी चार ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास मिला था। जिसका 40 हजार रुपया पूर्व ग्राम प्रधान ने ले लिया। राशि में सिर्फ दो हजार ईंट भेजी गई। जबकि अन्य राशि नहीं आई। इसकी जांच परियोजना निदेशक ने वीडीओ को करने के निर्देश दिए। लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर पीडी ने दोनों के विरुद्ध पयागपुर थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।
पयागपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरसा के पसियनपुरवा निवासी पार्वती देवी, कुन्ना देवी, गुलाब देवी और सीमा को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयनित किया गया था। सभी को प्रधानमंत्री आवास भी मिला। लेकिन सभी ने आवास का निर्माण नहीं कराया। इसकी जानकारी मिलने पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक गांव पहुंचे। उन्होंने महिलाओं के बयान दर्ज किए। महिलाओं ने पीडी को बताया कि पहली किस्त मिलने पर पूर्व ग्राम प्रधान कृष्ण गोपाल द्वारा 40 हजार रुपया लिया गया था। जिसमें मात्र दो हजार ईंट ही भेजी गई। शेष राशि नहीं दी गई। जिसके कारण आवास का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
पीडी ने आरोपों की जांच ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश चंद्र मिश्र को सौंपा। लेकिन वह भी समय पर आख्या नहीं दे सके। इस पर पीडी ने जांच खंड विकास अधिकारी रविशंकर प्रधान को दी। बीडीओ की जांच में घोटाले का खुलासा हुआ। पीडी ने बीडीओ को केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष बृजानंद सिंह ने बताया कि बीडीओ की तहरीर पर धोखाधड़ी, सरकारी धन का गबन समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गबन का केस दर्ज होने पर क्षेत्र के अन्य ग्राम प्रधानों व पूर्व प्रधानों में हड़कंप की स्थिति है।