बहराइच। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की सात छात्राओं का प्रवेश पत्र गलत होने के चलते वे परीक्षा से वंचित कर दी गई हैं। शुक्रवार सुबह अभिभावकों संग छात्राएं फरियाद लेकर स्कूल पहुंचीं लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इस पर सभी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट को व्यथा सुनाई। छात्राओं और अभिभावकों ने फर्जी प्रवेश पत्र थमाने का आरोप लगाया।
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने एक अभिभावक की तहरीर पर स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। उधर, पीड़ित छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनका साल बर्बाद हुआ तो वे आत्महत्या कर लेंगी।
कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत सिटी मॉन्टेसरी विद्यालय स्कूल मेवातीपुरा की हाईस्कूल की छात्रा सिमरन कश्यप, सिफा खान, श्वेता सिंह, महिमा बंसल, प्रीती जायसवाल, लक्ष्मी और पूर्वी श्रीवास्तव को गुरुवार को परीक्षा केंद्र महात्मा बुद्ध इंटर कॉलेज में फर्जी प्रवेश पत्र जारी होने की बात कहकर परीक्षा से वंचित कर दिया गया था।
छात्राओं ने उसी दिन कोतवाली नगर पुलिस को तहरीर देकर नगर मजिस्ट्रेट से शिकायत की थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। िफर छात्राएं अभिभावकों के साथ शुक्रवार सुबह सिटी मॉन्टेसरी विद्यालय पहुंचीं लेकिन वहां पर कोई भी जिम्मेदार नहीं मिला। इसके बाद छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट वीएन पांडेय को व्यथा सुनाई।
नगर मजिस्ट्रेट ने कोतवाली नगर पुलिस को तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली नगर पुलिस ने छात्रा सिफा खान के पिता नवीब अहमद की तहरीर पर सिटी मांटेसरी की प्रधानाचार्या सुधारानी निगम के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि विवेचना उपनिरीक्षक रामसेवक मिश्रा को सौंपी गई है। उधर, नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि छात्राओं ने स्कूल पर फर्जी प्रवेश पत्र जारी करने का आरोप लगाया है।
इस मामले में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से भी वार्ता की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
प्रवेश पत्र के लिए मांगे दो हजार रुपये
कतर्नियाघाट। बोर्ड की परीक्षा में स्कूलों में किस कदर मनमानी की जा रही है, इसका नमूना मिहींपुरवा के गिरिजापुरी इंटर कॉलेज में भी देखने को मिला।
यहां के हाईस्कूल के छात्र कैलाशपुरी निवासी मुन्ना शाही पुत्र श्रवण कुमार और बनकटी गांव निवासी आकाश पुत्र लक्ष्मन ने बताया कि वह दो दिन पूर्व प्रवेश पत्र लेने विद्यालय गए तो विद्यालय में कक्षा अध्यापक ने दो हजार रुपये की डिमांड की।
घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते रुपये नहीं दे सके तो प्रवेश पत्र नहीं दिया गया, जिससे परीक्षा छूट गई। मुन्ना और आकाश ने बताया कि साल बर्बाद हो गया।
उधर, इस मामले में प्रधानाचार्य बैजनाथ श्रीवास्तव का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। हो सकता है फीस बकाया रही हो, प्रवेश पत्र के लिए कोई पैसा कैसे मांग सकता है। प्रधानाचार्य ने जांच करने की बात कही है।
1367 ने छोड़ी गृह विज्ञान की परीक्षा
बहराइच। शुक्रवार को सुबह की पाली में शहर और ग्रामीण अंचलों के परीक्षा केंद्रों पर इंटरमीडिएट गृह विज्ञान की परीक्षा हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने बताया कि 5073 परीक्षार्थी पंजीकृत थे लेकिन 1367 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
उन्होंने कहा कि सभी पांच उड़ाका दस्तों ने नानपारा, महसी, कैसरगंज, पयागपुर और सदर तहसील क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर भ्रमण किया। शांतिपूर्वक परीक्षा हुई, कोई भी नकलची पकड़ा नहीं गया।