रिसियामोड़ (बहराइच)। विकास खंड रिसिया के भगतापुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां आवास योजना में बड़ा खेल खेला गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में गांव के नौ ग्रामीणों को आवास आवंटित हुआ था, मगर उनके नाम पर दूसरों का आधार कार्ड लगाकर 9.60 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में बीडीओ की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान और आठ ग्रामीणों के खिलाफ धोखाधड़ी व साजिश का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विकास खंड रिसिया अंतर्गत ग्राम पंचायत भगतापुर में ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास आवंटित किए गए थे। लेकिन आवंटित किए गए आवासों में जमकर धांधली बरती गई। ग्राम पंचायत के निवासी हरिराम, लखाना, शिवप्रसाद, इंद्रसेन, श्यामलाल, बाबूलाल, दुखहरन और नूर मोहम्मद की ओर से आवास आवंटन में खेल खेला गया। इन सभी ने दूसरों को आवंटित किए गए आवासों में फर्जी आधारकार्ड बनवाकर विकासखंड कार्यालय में जमा करवा दिया। गांव निवासी रंगीलाल वर्मा ने धांधली की शिकायत की।
परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिल सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई। जांच के दौरान खंड विकास अधिकारी रविशंकर प्रधान ने ग्राम प्रधान नरेंद्र वर्मा की मिलीभगत से आवास योजना के 9.60 लाख रुपये का गबन किए जाने की पुष्टि की। इसके बाद बीडीओ ने इन सभी के खिलाफ थाने में तहरीर दी। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान और आठ ग्रामीणों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश आदि का केस दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक पीपी पांडेय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
ग्राम पंचायत अधिकारी को बचाया
पीएम आवास योजना में लाभार्थी का चयन किए जाने में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की संयुक्त भूमिका होती है। लाभार्थी को पैसा भी उनकी संस्तुति के बाद ही मिलता है। मगर मुकदमे में सिर्फ ग्राम प्रधान को ही नामजद किया गया है। यह पूरी जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर रहा है।