बहराइच। कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला प्रभारी ने बीती 22 अक्तूबर को किसानों की समस्याओं को लेकर किये गये प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज कराने पर प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में पूर्व जिला प्रभारी ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कांग्रेसियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग की है।
कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला प्रभारी अशोक चोपड़ा ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा है कि जिले की कई ब्लॉकों में सरकारी क्रय केंद्र न खुलने से किसान अपना धान कम दामों में बेचने का विवश हैं। किसानों की समस्याओं को लेकर 22 अक्तूबर को कांग्रेसियों ने पीड़ित किसानों के साथ कोविड-19 के नियमों के तहत धरना-प्रदर्शन कर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की थी। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं को निराकरण करने के बजाय उल्टे चार महिला किसानों समेत 12 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निंदनीय कार्य किया है। कांग्रेस नेता ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रशासन की ओर से कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेते हुए किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है।