बहराइच/पयागपुर। नगर पंचायत अध्यक्ष पयागपुर बालेंद्र श्रीवास्तव उर्फ विपिन ने शासन स्तर से चल रही जांच से बचने के लिए तत्कालीन सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सोनी से साठगांठ कर एक महीने का फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बनवा लिया। शासन से करवाई जांच में इसका खुलासा होने पर शनिवार को सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने दोनों के खिलाफ पयागपुर थाने में केस दर्ज करवाया है।
पयागपुर नगर पंचायत अध्यक्ष बालेंद्र श्रीवास्तव पूर्व में हुई शिकायतों में दोषी पाए गए थे। इस पर साल 2023 में शासन स्तर से नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया गया था। लेकिन शासन के नोटिस से बचने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष ने तत्कालीन सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सोनी से साठगांठ कर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनवाई गई। इसमें सीएचसी पयागपुर के एक पर्चे पर फर्जी दवाएं लिखवाकर उन्हें एक महीने के बेड रेस्ट का सुझाव लिख दिया गया। मेडिकल प्रमाणपत्र के फर्जी होने की आशंका पर आयुक्त ने सीडीओ मुकेश चंद्र व सीएमओ डॉ. संजय शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर इसकी जांच करवाई। सीडीओ की जांच में मेडिकल रिपोर्ट फर्जी पाए जाने पर शनिवार को सीएमओ ने केस दर्ज करवाया है।
महिला के नाम निकला परचा, सीएचसी के रजिस्टर से भी नाम गायब
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट संबंधी जांच के दौरान ओपीडी रजिस्टर में बालेंद्र श्रीवास्तव का नाम अंकित नहीं मिला। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सोनी ने बालेंद्र श्रीवास्तव का नाम अंकित करने के लिए नया रजिस्टर बनाया था। यही नहीं जब सीएचसी के परचे की जांच की गई तो वह एक महिला के नाम अंकित मिला।