बहराइच। मोतीपुर, सदर और नानपारा तहसील क्षेत्र के किसानों ने रोक के बावजूद पराली खेतों में जला दी। इसको देखते हुए 15 किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही पांच कंबाइन मशीन को सीज कराया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को पराली न जलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रिसिया में स्थित फैक्टरी में पराली बेचने की बात कही है।
प्रदेश सरकार और कोर्ट की रोक के बावजूद किसान खेतों में पराली जला रहे हैं। इससे खेत की उर्वरा शक्ति क्षीण हो रही है। वहीं प्रदूषण भी बढ़ रहा है। जबकि जिलाधिकारी शंभु कुमार व जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय के साथ सभी उपजिलाधिकारियों ने क्षेत्र के किसानों को पराली न जलाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद पराली खेतों में जलाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पराली जलाने के कारण अब तक 15 किसानों पर संबंधित थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उन्होंने बताया कि मोतीपुर, सदर और नानपारा तहसील क्षेत्र में पांच-पांच किसानों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ है। इसके अलावा नानपारा व सदर तहसील में दो-दो और मोतीपुर में एक कंबाइन मशीन सीज कराई गई है। उन्होंने कहा कि किसान खेतों में पराली न जलाएं। इससे खेत की उर्वरा शक्ति को काफी नुकसान होता है। साथ ही प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पराली खेतों में जलाए जाने पर किसान के विरुद्ध जुर्माना के साथ केस दर्ज कराया जाएगा।
पराली खरीद शुरू
जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि रिसिया के आसामरोड स्थित फैक्टरी में पराली खरीद शुरू हो गई है। यहां पर किसानों से 150 रुपये प्रति क्विंटल पराली खरीदी जाती है। ऐसे में किसान पराली बिक्री कर आमदनी भी बढ़ा सकते हैं। दो दिन पूर्व किसान ने पराली की बिक्री की थी।