मिहींपुरवा क्षेत्र में प्रस्तावित बाईपास मार्ग।
बहराइच। शासन की ओर से कतर्नियाघाट-मोतीपुर से पलिया जाने वाले मार्ग एनएच-730 एच के पांच किमी के बाएं तरफ मोतीपुर से तुलसीपुर गांव तक के मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कर बाईपास बनाने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिससे कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग जाने वाले पर्यटकों की यात्रा सुगम हो सकेगी और मिहींपुरवा कस्बे में लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकेगी।
बाईपास के निर्माण में 9.43 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। शासन की ओर से मार्ग के निर्माण को लेकर धनराशि के आवंटन को स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है।
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के लिए मौजूदा समय काफी संख्या में पर्यटकों का आना-जाना शुरू हो गया है। पर्यटक अपने वाहनों से जिले से नानपारा होते हुए मोतीपुर-पलिया जाने वाले मार्ग एनएच-730 एच से डायवर्ट होकर मिहींपुरवा कस्बा होते हुए कतर्नियाघाट पंहुचते हैं। वहीं, जंगल क्षेत्र का एकमात्र सबसे बड़ा बाजार मिहींपुरवा है। ऐसे में यहां प्रतिदिन सुजौली, कतर्नियाघाट, बिछिया, गिरजापुरी बैराज आदि क्षेत्रों से भी काफी संख्या में व्यापारी व लोग सामान आदि की खरीदारी के लिए आतें हैं। पर्यटकों के वाहन व अन्य छोटे बड़ वाहन भी इसी बाजार से होकर गुजरते हैं।
लेकिन मिहींपुरवा कस्बे का बाजार सकरा होने से यहां आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग की ओर से मिहींपुरवा कस्बेवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कस्बा जाने वाले मार्ग एनएच-730एच की यातायात व्यवस्था को डायवर्ट कर एक बाईपास बनाने के लिए 9.43 करोड़ की लागत का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। विभाग की ओर से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के साथ ही शासन द्वारा धनराशि के आवंटन की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। अब विभाग टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाईपास का निर्माण कराने की तैयारी में हैं।
निर्माण के बाद कतर्नियाघाट जाने वाले पर्यटक सीधे बाईपास से होकर कतर्नियाघाट मार्ग पर पहुंचकर जंगल का आसानी से भ्रमण कर सकेंगे। पर्यटकों को मिहींपुरवा कस्बा जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कस्बेवासियों को भी जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। लोकनिर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि शासन द्वारा धनराशि के आवंटन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। शीघ्र ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर मार्ग के निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
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