हुजूरपुर। हरितालिका तीज के मौके पर अभिषेक करने के लिए नेवासी घाट पर सोमवार सुबह सरयू में जल भरने गया 12 वर्षीय बालक पांव फिसलने से तेज धारा में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना के करीब तीन घंटे बाद पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक पता नहीं चल सका।
चांटी नेवासी गांव निवासी शिवप्रताप सिंह सोमवार सुबह करीब छह बजे नेवासी घाट पर गांव के लोगों के साथ जल भरने गया था। उसी दौरान घाट पर उसका पांव फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण वह देखते ही देखते बह गया। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिकेश सिंह ने बताया कि उनके फोन करने के करीब तीन घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नदी में बालक की तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
जम्मू-कश्मीर में मजदूरी करते हैं पिता
सर्वेश कुमार सिंह का छोटा बेटा है शिवप्रताप। उसके बड़े भाई उपनेश सिंह की उम्र 15 वर्ष है। सर्वेश कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर में मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी उन्हें दे दी गई है, वह भी घर के लिए रवाना हो गए हैं।
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परिजनों से मिलने पहुंचे विधायक प्रतिनिधि
घटना के बाद पयागपुर विधायक के पुत्र व प्रतिनिधि निशंक त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक रामकुमार शुक्ल और क्षेत्रीय लेखपाल ने परिवार से मिलकर जानकारी ली। परिजनों के अनुसार, अभी कोई अन्य बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में घाट होने के चलते तीज व अन्य अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू से जल भरकर गोंडा के पृथ्वीनाथ और दुखहरनाथ तथा बहराइच के बागेश्वरनाथ और सिद्धनाथ मंदिरों में अभिषेक करने जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा और बचाव दल की तैनाती की मांग की है।