राजीचौराहा/चरदा/बाबागंज। मौसम में बदलाव के कारण खसरे का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। रानीपुर व महसी क्षेत्र के बाद अब विकासखंड महसी व नवाबगंज के कई गांवों में खसरा फैल गया है।
महसी में एक बालक की इलाज के अभाव में मौत हो गई। वहीं, दोनों क्षेत्रों में खसरे से करीब 21 लोग बीमार हैं। गांव वालों ने बाबागंज पीएचसी के प्रभारी को सूचित किया लेकिन उन्होंने अभी तक कोई मदद नहीं मिली।
महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महसी में चार दिन से खसरे का प्रकोप है। महसी निवासी शिवनाथ (6) कई दिनों से पीड़ित था। स्वास्थ्य केंद्र पर परिवारीजनों ने दिखाया लेकिन लाभ नहीं हुआ।
इस पर परिवार के लोग शिवनाथ को मंगलवार को गंभीर हालत में लखनऊ ले गए। वहां इलाज के दौरान देर रात शिवनाथ की मौत हो गई। वहीं, गांव निवासी शुभम (7), नौ वर्षीय कुलदीप, 12 वर्षीय मुस्कान, आठ वर्षीय लिटिल, 10 वर्षीय आबिद और तीन वर्षीय पिंकी भी बीमार हैं।
गांव के लोगों ने सूचना स्वास्थ्य केंद्र पर दी लेकिन स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह खसरा फैलने की जानकारी से इंकार कर रहे हैं।
उधर, शिवदास गांव निवासी सुभाष सिंह की बेटी शीलू (18) को तीन दिन पहले बुखार आया। इसके बाद शरीर पर दाने, लाल चकत्ते निकल आए। सुभाष सिंह ने स्थानीय डॉक्टरों से उपचार शुरू किया है लेकिन अभी तक शीलू की सेहत ठीक नहीं हुई है।
वहीं, शीलू की बहन ब्यूटी (20) भी खसरे से पीड़ित है। इसके अलावा शंकरपुर गांव निवासी वैभव (8), राहुल (20) समेत 15 लोग चपेट में हैं। वहीं, बख्शी गांव, गड़रहवा, थनई गांव, शुकई गांव में खसरा फैला है।
गांव वालों ने बाबागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रमेश कुमार को इस बाबत सूचित किया लेकिन अभी तक पीड़ित गांव कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचा है। इससे लोगों में आक्रोश है।