महसी में बेलहा बेहरौली तटबंध के किलोमीटर संख्या 50 पर बाढ़ से बचाव के लिए निर्माणाधीन स्पर।
बहराइच। घाघरा नदी से लाखों लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए 9 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से बेलहा-बहरौली तटबंध के किमी संख्या 50 पर बनाए जा रहे स्पर और बोल्डर नोज के निर्माण में गंभीर तकनीकी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। निर्माण स्थल पर तीन मीटर गहरा बेस बनाए बिना ही सीधे नदी के बालू पर बोल्डर रखे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, स्पर के किनारे तटबंध तक गहरी खोदाई कर दिए जाने से बाढ़ के दौरान तटबंध भी असुरक्षित हो सकता है।
बाढ़ सुरक्षा मानकों के तहत स्पर के नोज के लिए पहले करीब तीन मीटर गहरी और निर्धारित चौड़ाई में बेस तैयार किया जाता है, ताकि तेज बहाव और कटान की स्थिति में बोल्डर अपनी जगह पर मजबूती से टिके हैं, लेकिन मौके पर बिना बेस तैयार किए सीधे बालू पर बोल्डर बिछाकर निर्माण किए जाने का आरोप है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में तेज धारा आने पर बोल्डर धंस सकते हैं या बह सकते हैं, जिससे पूरा स्पर कमजोर पड़ सकता है।
निर्माण कार्य में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। स्पर के पास तटबंध तक सीधे खोदाई कर दी गई है, जिससे नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर बहाव का दबाव सीधे तटबंध तक पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। यदि ऐसा हुआ तो बेलहा-बहरौली तटबंध की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है और आसपास के दर्जनों गांवों की लाखों आबादी बाढ़ के खतरे की जद में आ सकती है।
ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद महसी के एसडीएम प्रकाश सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए बाढ़ खंड के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों को तलब किया है। एसडीएम ने कहा कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी समीक्षा कर मानकों के अनुरूप कार्य करवाया जाएगा। जांच में गड़बड़ी मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।