बहराइच। बारिश से सड़कों पर जगह-जगह हुए गड्ढे हादसों का सबब ही नहीं बल्कि लोगों की जेब पर भी भारी पड़ रहे हैं। जगह-जगह गड्ढों के कारण वाहनों के शॉकर आदि खराब होने से लोगों पर रखरखाव का खर्च बढ़ गया है।
जिले के शहर और ग्रामीण अंचलों में 56 से अधिक सड़कें बरसात के दौरान खस्ताहाल हो गई हैं। सड़कों पर जगह-जगह जलभराव और लगातार पानी बहने से सड़क गड्ढों में तब्दील होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। अधिकांश सड़कें पीडब्लूडी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीन हैं।
खस्ताहाल हुईं सड़कों को बरसात के बाद दुरुस्त कराने का दावा किया जा रहा है। पीडब्लूडी के अवर अभियंता एके सिंह ने कहा कि सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्तावों को मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
हादसों का खतरा बढ़ा
पयागपुर में 14 सितंबर को गड्ढे में बोलेरो गिरने से तीन लोग घायल हुए थे। इससे पहले बारिश के दौरान बाबागंज में एनएच-927 पर सड़क पर करीब दो फीट पानी भरने से बाइक और साइकिल सवारों के गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। पानी से भरे गड्ढे खासतौर पर रात और सुबह के समय दोपहिया चालकों के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं।
बाइक-स्कूटी से लेकर कार तक पर असर
वाहन मालिक हरीश रस्तोगी और नागेंद्र मिश्रा के अनुसार गड्ढों में तेज झटके लगने से टायर में उभार, वाहन का एक ओर खिंचना और कंपन जैसी समस्याएं आने लगती हैं। ऑटोमोबाइल मैकेनिक जुनेद अहमद के अनुसार लगातार खराब सड़क पर चलने से टायर, रिम, सस्पेंशन और व्हील अलाइनमेंट सबसे पहले प्रभावित होते हैं। तेज झटके से टायर की साइड वाॅल क्षतिग्रस्त और रिम टेढ़ा होता है। शॉकर, बुश और स्टीयरिंग सिस्टम पर भी असर पड़ता है। वाहन में असामान्य आवाज, कंपन या स्टीयरिंग खिंचने की समस्या हो तो तत्काल जांच करानी चाहिए।
जुनेद के मुताबिक गड्ढे में तेज झटका लगने से बाइक और स्कूटी के टायर, रिम, पहिया और सस्पेंशन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। बाइक पंक्चर होने और बेयरिंग टूटने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
बच्चों व महिलाओं के लिए बड़ा जोखिम
सुबह स्कूल जाने और छुट्टी के समय सड़कों पर दोपहिया वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। गड्ढों में पानी भरा होने से बाइक या स्कूटी का संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। पीछे बैठे बच्चों व महिलाओं के लिए अचानक ब्रेक या गड्ढे में पहिया गिरने पर जोखिम और बढ़ जाता है।
गड्ढे में पहिया पड़ा तो जेब पर कितना बोझ
पंचर: 60 से 150
रिम/पहिया सीधा: 200 से 500
बाइक टायर: 1,200 से 3,000
बाइक शॉकर: 500 से 3,000
कार अलाइनमेंट: 500 से 1,000
कार बैलेंसिंग: 300 से 800
कार टायर: 4,000 से 8,000
कार सस्पेंशन: 3,000 से 12,000 तक
गड्ढों से वाहन चलाना हुआ दुश्वार
बाइक चालक अभिषेक गुप्ता के अनुसार गड्ढों में पहिया पड़ने से कई बार तेज झटका लगता है। इससे टायर और रिम को नुकसान का डर लगा रहता है। गिरीश लखमानी ने बताया कि खराब सड़क पर बाइक व स्कूटी चलाते समय बार-बार झटके लगते हैं। वाहन का संतुलन बिगड़ने और टायर खराब होने की समस्या को दो बार सामना कर चुका हूं। ई-रिक्शा चालक धन्नीपुरवा निवासी साहिल के मुताबिक गड्ढों के कारण वाहन की मरम्मत का खर्च बढ़ गया है। मेवातीपुरा निवासी देवी शरण ने बताया कि गड्ढों के कारण टायर, अलाइनमेंट और सस्पेंशन की जांच बार-बार करानी पड़ती है।
बहराइच में खस्ताहाल सड़कें।