बहराइच में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। -संवाद
बहराइच। निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मचारियों ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बाइक रैली निकाली। सभी ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर सभा करके निजीकरण का विरोध करने का फैसला लिया।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार से आंदोलन शुरू किया गया है। पहले चरण में बिजली कर्मी मालगोदाम रोड पर एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए बाइक रैली निकाली गई। जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई अस्पताल चौराहा स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर आकर खत्म हुई। यहां सभा का आयोजन हुआ।
पदाधिकारियों ने कहा कि पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करने का फैसला लिया है। जिसे कर्मचारी बर्दाश्त नही करेंगे।
निजीकरण से पूर्व विभाग द्वारा काफी संख्या में संविदा कर्मियों को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार को हस्तक्षेप कर आदेश को वापस कराना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण के विरोध में गत पांच माह से संगठन द्वारा बिजली महापंचायत, विरोध सभा और लखनऊ में रैली कर सरकार का ध्यान आकर्षण करा चुके हैं।अब बृहस्पतिवार से आंदोलन शुरू कर दिया गया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि दो मई से विभाग के संगठनों द्वारा लखनऊ के शक्तिभवन पर क्रमिक अनशन पर बैंठेंगे। उसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुशील गोस्वामी, समिति के जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुरेश मौया, इंजीनियर गजेंद्र मौर्या, इंजीनियर मुकेश पटेल, इंजीनियर प्रशांत त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष नफीस अहमद, जयनंदन मिश्रा, जनार्दन प्रसाद, अरविंद यादव व जितेंद्र मौर्या आदि मौजूद रहे।