नोट बंदी के खिलाफ सोमवार को भारत बंद जिले में बेअसर रहा। शहर की ज्यादातर दुकानें खुली थीं। बाजार में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल दिखाई दी। पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद लोग कैश की कमी से परेशान हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश में लगा है। कई विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को भारत बंद का आह्वान किया था।
कयासों के बीच सोमवार को बंदी का कोई असर नहीं दिखा। सुबह नौ बजे से ही बाजार खुलने लगे। बहराइच के बाजारों में दोपहर तक बंद का बेअसर नजर आने लगा। उधर दवा व्यापारी पुनीत साहू व मोनू साहू, किराना व्यवसायी नवीन कुमार आदि ने कहा कि सरकार के नोट बंदी के फैसले को काला धन खत्म करने की दिशा में बेहतर कदम बताया। कहा कि उक्त निर्णय का समर्थन करते हुए दुकानें खोलीं और सामान्य दिनों की तरह कारोबार किया।
पीपल तिराहा स्थित दुकानें प्रतिदिन की तरह सोमवार को भी खुली रहीं। दुकानों पर सामान खरीदने वालों का आवागमन रहा। कोई भी दुकान बंद नहीं थी। शहर में गांधी स्कूल चौराहे पर सुबह दस बजे से ही दुकानें खुल गई। खरीदारों की आमद के साथ बाजार में चहल पहल होने लगी।
व्यापारी अशोक साहू का कहना था कि उनकी दुकान को बंद कराने कोई नहीं आया। सामान्य दिनों की तरह ही कारोबार हुआ। घंटाघर चौक से मुख्य मार्ग स्थित दुकानों पर भी ग्राहक खरीदारी कर रहे थे। सभी दुकानों पर चहल-पहल थी। बंद के आह्वान का दुकानदारोें पर कोई असर नहीं दिखा।