जितेंद्र दीक्षित
बहराइच। पलक झपकते ही बच्चियों को बिस्तर से गायब करने का आरोपी अविनाश पांडेय बच्चियों के साथ बर्बरता की हदें पार कर देता था। बच्चियां घटना के समय शिथिल रहें और चीखें न, इसके लिए वह बच्चियों को दुष्कर्म से पहले देशी शराब पिलाता था। बच्चियों को बहलाने-फुसलाने में भी वह कोई कसर नहीं छोड़ता था। बच्चियों के साथ मारपीट व दुष्कर्म के बाद उन्हें टॉफी, चॉकलेट, नमकीन का प्रलोभन देकर घर में किसी और को घटना की जानकारी नहीं देने की चेतावनी भी देता था।
बच्चियों को नहलाकर साफ करता था अपराध के दाग
पुलिस के अनुसार अविनाश बच्चियोंं से दुष्कर्म के बाद उन्हें नहलाकर दाग साफ करने का भी प्रयास करता था। एसपी रामनयन सिंह के अनुसार अविनाश बच्चियों के कपड़े बदल कर उन्हें नए कपड़े पहनाता था। घटना स्थल से देशी शराब के खाली टेट्रा पैक, टॉफी-चॉकलेट व नमकीन के खाली पैकेट बरामद किए हैं।
अविनाश के साथ भी हुई थी दरिंदगी, जिसके बाद बच्चों को समझा आसान शिकार
आरोपी अविनाश के साथ भी बचपन में दरिंदगी हुई थी। घटना के समय छोटा होने के चलते उसने किसी को कुछ भी नहीं बताया था। बड़े होने पर अविनाश ने बच्चियों को शिकार बनाना शुरू किया। आरोपी अविनाश गरीब परिवार से है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। अविनाश भी मजदूरी कर पेट पालता था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि रात के समय वह साइकिल लेकर निकलता था। इस दौरान सुनसान स्थान पर घर के बाहर या अंदर बिस्तर पर अकेले लेटी बच्चियों को चुपके से उठाता था और साइकिल से ही लेकर जंगल के अंदर सुनसान स्थान पर चला जाता था।