बहराइच। देश भर में फैली कोरोना महामारी ने करीब सात माह से कारोबार बंद करने पर मजबूर कर दिया था। अनलॉक शुरू हुआ तो उम्मीदें जगीं, लेकिन यह उम्मीद अभी भी संशय के रूप में बरकरार है। लगातार अनलॉक में मिल रही छूट को देखते हुए बैंड बाजा कारोबारियों में भी उम्मीद जगी है। लगन की बुकिंग लेनी शुरू कर दी गई है। नवरात्र से शुभ कार्य होने शुरू हो जाएंगे।
17 अक्तूबर से नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। इस बार नवरात्र के शुभारंभ होने का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है। माना जा रहा है कि आने वाला शारदीय नवरात्र लोगों के रोजगार के द्वार खोलेगा। मां की कृपा बरसी तो करीब सात माह से घर बैठे लोगों का रोजगार शुरू हो जाएगा। हर वर्ग के लोगों को यह उम्मीद है कि इस नवरात्र से गायब हुई बाजार की रौनक व बंद पड़े रोजगार के द्वार खुल जाएंगे। पर्व शुरू होते ही सहालग की खरीदारी भी होने लगेगी। नवरात्र से शुरू होने वाले शुभ कार्य 14 दिसंबर तक लगातार चलते रहेंगे। इस साल शादी के सिर्फ 10 मुहूर्त ही शेष बचे हैं। ऐसे में बैंड बाजा कारोबारियों के लिए यह साल का खास मौका रहेगा। इस मौके को देखते हुए कारोबारियों ने बुकिंग लेनी शुरू कर दी है। पंडित अनंत पाठक बताते हैं कि 25 नवंबर से लगन की शुरूआत हो रही है। यह लगन 14 दिसबंर तक ही रहेगी। इसी बीच में लोग अपने शादी-विवाह का कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।
शासनादेश के अनुसार दी जाएगी छूट
शादी-विवाह करने की छूट शासन की ओर से दी गई है। कोविड-19 का पालन करते हुए लोग अपने सांस्कृतिक व वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं। समय-समय पर आने वाले हर शासनादेश के बारे में लोगों की जानकारी दी जाती रहेगी।
जय प्रकाश, नगर मजिस्ट्रेट
बुकिंग से पहले दी जा रही जानकारी
अभी तक सरकार व जिला प्रशासन की ओर से कोई ऐसी जानकारी नहीं आई है कि शादी-विवाह में बैंड बाजा की अनुमति है या नहीं, लेकिन जिस तरह छूट दी जा रही है। उससे उम्मीद है कि अनुमति मिल जाएगी। बुकिंग के पहले ग्राहकों को नियम के बारे में जानकारी दे दी जा रही है।
मदन निराला, प्रिंस ब्रास बैंड
कोरोना ने छीन ली सुकून की रोटी
देश में फैली कोरोना महामारी ने सुकून की मिलने वाली दो रोटी भी छीन लीं। करीब सात माह से सारे कारोबार ठप पड़े हैं। आगे जो लगन हैं। अभी उसको लेकर कोई नियम भी नहीं बताया गया है। जिंदगी जीने के लिए बुकिंग की शुरूआत कर दी गई है। अगर नियम आएगा तो ठीक है वरना देखा जाएगा कि आगे क्या होगा।
श्याम सुंदर, लक्ष्मी ब्रास बैंड