बहराइच के कतर्नियाघाट में हाथियों के हमले को देखते हुए पर्यटकों के लिए बंद वन विभाग के वाहन।
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बिछिया (बहराइच)। कतर्निया में जंगली हाथियों के बढ़ते उत्पात को देखते हुए जंगल सफारी से पर्यटकों के सैर सपाटे पर रोक लगा दी गई है। वन महकमा हाथियों के लौटने का इंतजार कर रहा है। दो दिन बाद पुन: जंगल सफारी से घूमने के लिए पर्यटक जा सकेंगे। इसकी उम्मीद वनाधिकारी जता रहे हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का झुंड एक सप्ताह से उत्पात मचाए हुए है। पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान हाथियों के दिखने की सूचना लगातार वन विभाग को मिल रही थी। सोमवार को जंगल की सैर करने निकले लखनऊ के पर्यटकों के एक दल को हाथियों ने दौड़ा लिया था। जंगल सफारी वाले रूट पर हाथियों का मूवमेंट लगातार मिलने के बाद वन महकमा अलर्ट हो गया है।
कतर्निया के वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों का उत्पात काफी बढ़ गया है। पर्यटकों के साथ कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है। जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। 17 दिसंबर से पर्यटकों के जंगल घूमने पर रोक लगा दी गई है।
वनकर्मियों की एक टीम गठित कर गश्त कराई जा रही है। हाथियों को दूसरे क्षेत्र में भेजने के लिए पेट्रोलिंग जारी है। हाथियों के किसी और क्षेत्र में निकलने के बाद जंगल सफारी से घूमने की मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर से पर्यटक जंगल सफारी से घूम सकेंगे। ऐसी संभावना जतायी जा रही है।