चूल्हे की चिंगारी से निकली आग की चपेट में आकर एक परिवार तबाह कर दिया। घर में सो रहे तीन सगे भाईयों में जहां एक की झुलसकर मौके पर ही मौत हो गई वहीं दो की हालत गंभीर है। दोनों को इलाज के लिए सीएचसी महसी में भर्ती कराया गया है। वहीं आग की चपेट में आने से घर में रखा हजारों रुपये कीमत का सामान भी जलकर राख हो गया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बहराइच जिले में खैरीघाट थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव निवासी दयाराम का फूस का घर बना हुआ है। बृहस्पतिवार की रात वह अपने खेत से छुट्टा मवेशियों को भगाने के लिए गए हुए थे। इस दौरान उनकी पत्नी शांति देवी अपने फूस के घर में खाना बना कर अपने तीन बच्चे शिवकेश आर्य(14), शिवांश(6), शिवम(3) को खाना खिलाने के बाद उन्हें सुलाकर अपने पति दयाराम को खाना देने के लिए खेत में चली गई। ग्रामीणों की माने तो इस बीच इनके घर में अचानक आग लग गई। घर जलता देख दौड़े आस पास के लोगों ने काफी मेहनत के बद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक एक बेटे की मौत हो गई थी जबकि दो गंभीर रूप झुलस चुके थे। लोगों द्वारा कयास लगाई जा रही है कि इनके घर के चूल्हे की चिंगारी से फूस के घर में आग लग गई।
मामले की जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की है। वहीं झूलसे हुए दोनों बच्चे शिवांश व शिवम को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र महसी में भर्ती कराया गया है। आग लगने की सूचना पर उपजिलाधिकारी राकेश कुमार मौर्य, एसओ संजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार संग्राम सिंह, राजस्व निरीक्षक पवनसुत श्रीवास्तव आदि भी मौके पर पहुंचे। तहसील की टीम ने घर में हुए नुकसान का आकलन कर पीड़ित परिवार को पांच कंबल, त्रिपाल देकर हर संभव मदद किए जाने का आश्वासन दिया है।
दो भाईयों को बचाने में चली गई शिवकेश की जान
ग्रामीणों की माने तो आग लगने की घटना के बाद तीन भाईयों के साथ सो रहे सबसे बड़े शिवकेश सबसे पहले जग गया। इस दौरान उसने अपने दोनों छोटे भाईयों शिवांश व शिवम को आग से बचाने का प्रयास किया और जोर जोर से शोर मचाने लगा। आग लगने के बारे में जानकारी होने पर जब ग्रामीण पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया तो शिवकेश की ज्यादा झुलसने के चलते मौत हो गई। जबकि शिवांश व शिवम को लोगों ने काफी प्रयास कर आग से बाहर निकाला व इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया। इस घटना से पीड़ित परिवार समेत पूरे गांव में दुख का माहौल व्याप्त हो गया है।
मां-बाप घर पहुंचते हो गए बदहवास
ग्रामीणों ने बताया कि जिस समय घर में आग लगी उस समय खेत में मौजूद दयाराम व उनकी पत्नी शांति देवी को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली वह दौड़ते हुए घर पहुंचे। घर पर माहौल देखते ही दंपती बदहवास हो गए। कुछ देर पहले जिन तीन बच्चों को खाना देने के बाद उनको बिस्तर पर सुलाकर मां खेत गई थी उसी के सामने एक बच्चे का शव पड़ा था व दो गंभीर झुलसे मिले। गांव के लोगों ने किसी तरह से दंपती को सहारा देते हुए संभाला। बताया जाता हे कि यह खेती किसानी से ही परिवार चलाते है।
आग लगने की घटना की जानकारी होने पर पीड़ित परिवार से मिल उनको हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। तहसील प्रशासन की टीम नुकसान का आंकलन कर ही है। परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायाता प्रदान की जाएगी। - राकेश कुमार मौर्या, एसडीएम महसी