बहराइच। नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा क्षेत्र के ग्राम सलारपुर में बृहस्पतिवार दोपहर घर के नजदीक खेल रहे बच्चों पर एक कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई। दीवार के मलबे में पांच बच्चे दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर बच्चों को बाहर निकाला। उनमें तीन बच्चों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दो बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
मृतकों में दो बच्चे सगे भाई और तीसरा उनका ममेरा भाई था। एक साथ तीन बच्चों की मौत से गांव में मातम छा गया। हादसे की जानकारी पर पुलिस के साथ एसडीएम नानपारा ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। उधर, परिजनों ने बच्चों के शव का पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार किया है।
ग्राम पंचायत सलारपुर लक्ष्मनपुर निवासी वारिस अली के कच्चे मकान के पास बृहस्पतिवार दोपहर बाद ढाई बजे गांव का मुख्तार (10) अपने भाई अफ्तार अली (7) और दरगाह क्षेत्र के गगन चक निवासी ममेरे भाई नसरुद्दीन (9) व इमामुद्दीन (3) और गांव के अलाउद्दीन (6) के खेल रहे थे। इसी दौरान कच्चे मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। पांचों बच्चे दीवार के मलबे में दब गए।
हादसे की जानकारी होते ही ग्रामीण एकत्र हो गए। उन्होंने आननफानन में मलबे को हटाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला लेकिन तब तक मुख्तार, उसके भाई अफतार और उनके ममेरे भाई नसरुद्दीन की मौत हो गई। इमामुद्दीन व अलाउद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजनों ने घायल बच्चों को आननफानन में बाबागंज अस्पताल पहुंचाया। बच्चों की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने दोनों को मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। तीन बच्चों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इन्कार
हादसे की जानकारी पर एसडीएम नानपारा अजीत परेश, तहसीलदार प्रद्युम्न पटेल, रुपईडीहा थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर हादसे के बारे में जानकारी की। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढ़स बंधवाते हुए शवों का पंचनामा भरा। यह देख परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद बच्चों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।
दो बेटों के शव देख बेसुध हुए परिजन
एक साथ मुख्तार व अफ्तार की मौत की सूचना पर उनके पिता शमशाद बेसुध होकर गिर गए। बच्चों की मां भी चीख पड़ी। एक साथ तीन बच्चों के शव देख ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। लोगों ने मृत बच्चों के परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उनके आंसू थम नहीं रहे थे।
परिजनों को सौंप दिए गए शव
दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर तीन बच्चों की मौत हुई है। गंभीर रूप से घायल दो बच्चों का इलाज चल रहा है। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।
-अजीत परेश, एसडीएम नानपारा